जमशेदपुर: दलमा वन्यजीव अभयारण्य से सटे गांवों में पारंपरिक ‘शिकार परब’ के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने एक व्यापक जागरूकता अभियान छेड़ दिया है। डीएफओ सबा आलम अंसारी के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान में गीता थिएटर के कलाकारों ने लोक कला के माध्यम से ग्रामीणों को प्रकृति और जानवरों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराया।
“माटी की पुकार” नाटक से हुई अभियान की शुरुआत
इस विशेष अभियान का आगाज 20 अप्रैल को मानगो वन विभाग सभागार में इको विकास समितियों की बैठक के साथ हुआ। यहाँ गीता थिएटर के अनुभवी कलाकारों द्वारा “माटी की पुकार” (जंगल है तो हम है) नामक नाटक का मंचन किया गया। 22 अप्रैल से यह नाट्य दल दलमा के सुदूरवर्ती गांवों में जाकर गीतों और संगीत के जरिए पहले भीड़ जुटाता है, फिर प्रभावशाली अभिनय से वन्यजीव संरक्षण का संदेश देता है।
पटमदा के बेलटांड़ चौक पर कलाकारों ने बाँधा समां
इसी कड़ी में पटमदा के बेलटांड़ चौक पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहाँ मुख्य अतिथि के रूप में अंचलाधिकारी (CO) डॉ. राजेंद्र कुमार दास एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में थाना प्रभारी विष्णुचरण भोगता और समाजसेवी विश्वनाथ महतो उपस्थित रहे।
अंचलाधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार दास ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा:
“प्रकृति और जीव-जंतु हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है। गीता थिएटर के कलाकारों ने जिस जीवंत तरीके से इस संदेश को पहुँचाया है, वह काबिले तारीफ है।”
अवैध शिकार पर होगी सख्त कार्रवाई: प्रशासन की चेतावनी
थाना प्रभारी विष्णुचरण भोगता ने ग्रामीणों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि ‘शिकार परब’ के नाम पर वन्यजीवों का अवैध शिकार एक गंभीर कानूनन अपराध है। इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस और वन विभाग कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा। वहीं, समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने पारंपरिक प्रथाओं में समय के साथ सुधार की आवश्यकता पर बल दिया ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जंगल सुरक्षित रह सकें।
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अभिनय के जरिए बदलाव की कोशिश: ये रहे कलाकार
इस जागरूकता अभियान का नेतृत्व वन विभाग के वन्यजीव जीवविज्ञानी प्रसेनजीत सरकार और व्यक्तित्व विकास संस्था के आकाश कुमार जयसवाल कर रहे हैं। नाटक में अपनी कला से लोगों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कलाकारों में शामिल हैं:
गीता कुमारी (वन देवी की भूमिका में)
प्रेम दीक्षित (वन्यजीव सुरक्षा मित्र)
अभिषेक राजू (शिकारी दल प्रमुख)
आकाश साव (युवा शिकारी)
मनोज कुमार (ग्राम प्रधान)
करण साव (वन्यजीव)
सोनू, चंपा और छोटू (ग्रामीणों की भूमिका में)




