
जमशेदपुर: शिक्षा के क्षेत्र में लौहनगरी जमशेदपुर ने एक ऐतिहासिक और अंतर्राष्ट्रीय मुकाम हासिल किया है। केरला पब्लिक स्कूल (KPS), कदमा (Kerala Public School, Kadma) को प्रतिष्ठित यूनेस्को संबद्ध स्कूल नेटवर्क (UNESCO ASPnet) में शामिल किया गया है, जिससे यह यह गौरव हासिल करने वाला झारखंड राज्य का पहला स्कूल बन गया है। यूनेस्को, पेरिस (UNESCO, Paris) द्वारा 6 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त करने के बाद, यह संस्थान अब शांति, सतत विकास और वैश्विक नागरिकता के लिए प्रतिबद्ध शैक्षणिक संस्थानों के एक विशाल वैश्विक समुदाय से जुड़ गया है। यह बड़ी उपलब्धि स्कूल द्वारा साल 2023 से शुरू की गई उस सुविचारित तीन वर्षीय यात्रा का परिणाम है, जिसका उद्देश्य जमशेदपुर की एक साधारण कक्षा को दुनिया भर की कक्षाओं, संस्कृतियों और विचारों से जोड़ना था।


केरला पब्लिक स्कूल (KPS), कदमा ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए झारखंड का पहला यूनेस्को संबद्ध स्कूल नेटवर्क (ASPnet) संस्थान बनने का गौरव प्राप्त किया है।
यूनेस्को, पेरिस द्वारा 6 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर इस प्रतिष्ठित सदस्यता का प्रमाणपत्र जारी किया गया।
केपीएस कदमा अब 167 देशों के उन लगभग 10,000 शैक्षणिक संस्थानों के वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा बन गया है, जिनमें से भारत के 81 संस्थान इस सूची में शामिल हैं।
स्कूल की बालिकाओं ने “ब्रेकिंग बैरियर्स: वॉइसेज़ ऑफ विमेन इन साइंस” नामक अंतर्राष्ट्रीय पॉडकास्ट शुरू किया है, जहाँ वे दुनिया की शीर्ष महिला वैज्ञानिकों का साक्षात्कार ले रही हैं
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2023 से 2025: अंतर्राष्ट्रीय अनुभव से वैश्विक कार्रवाई तक का सफर
केपीएस कदमा के लिए यूनेस्को की यह मान्यता रातोंरात नहीं मिली है, बल्कि यह निरंतर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और व्यवस्थित वैश्विक सहभागिता का नतीजा है।
शुरुआत: स्कूल की इस संरचित यात्रा की शुरुआत 2023 में हुई थी, जब संस्थान ग्लोबल स्कूल अलायंस में शामिल हुआ और ASPnet सदस्यता के लिए आवेदन किया।
ऑनलाइन कैंपस: नवंबर 2024 में, स्कूल के छात्रों ने इंडोनेशिया, मिस्र और ग्रीस के छात्रों के साथ स्थिरता (Sustainability) और पुनर्योजी अर्थशास्त्र के विषय पर यूनेस्को ऑनलाइन कैंपस में हिस्सा लिया।
अंतर्राष्ट्रीय ग्लेशियर संरक्षण वर्ष: 2025 में स्कूल ने “CRY FOR ICE — ACT NOW!” पहल की शुरुआत की, जिसके तहत छात्रों ने भारत के ‘सोलर मैन’ डॉ. चेतन सिंह सोलंकी और अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की ग्लेशियोलॉजिस्ट प्रो. रेम्या नम्बूदिरी जैसे प्रतिष्ठित विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया।
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सुनामी की चेतावनी से लेकर वैज्ञानिकों के इंटरव्यू तक (2026 के कार्यक्रम)
वर्तमान वर्ष 2026 में, स्कूल के बच्चे जलवायु जागरूकता से आगे बढ़कर आपदा लचीलेपन और उन्नत विज्ञान पर वैश्विक पहलों का नेतृत्व कर रहे हैं।
सुनामी यूनाइटेड 2026: केपीएस कदमा के छात्र जकार्ता स्थित यूनेस्को क्षेत्रीय कार्यालय के नेतृत्व वाले इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जिसका उद्देश्य युवाओं को सुनामी विज्ञान और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के प्रति जागरूक करना है।
अंतर्राष्ट्रीय पॉडकास्ट: जुलाई-अगस्त 2026 में छात्रों ने “ब्रेकिंग बैरियर्स: वॉइसेज़ ऑफ विमेन इन साइंस” नामक एक पॉडकास्ट श्रृंखला शुरू की। इसके माध्यम से छात्राएं खगोल भौतिकीविद् डॉ. स्टेला काफ्का और ब्रह्मांड रसायनशास्त्री डॉ. मानवी जाधव जैसी दिग्गज महिला वैज्ञानिकों से सीधे सवाल पूछ रही हैं।
ल’ओरियल-यूनेस्को लॉरेट्स और यूनेस्को अधिकारियों से सीधा संपर्क
जमशेदपुर के इस स्कूल के लिए यह एक असाधारण शैक्षणिक अवसर है कि इसके छात्र 28 अगस्त 2026 को कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सारा टीचमैन के साथ सीधी बातचीत करने वाले हैं। प्रो. टीचमैन उन पांच वैज्ञानिकों में से एक हैं, जिन्हें 2026 ल’ओरियल-यूनेस्को फॉर विमेन इन साइंस इंटरनेशनल लॉरेट्स के रूप में चुना गया है। इसके अलावा, एक अन्य अंतर्राष्ट्रीय लॉरेट, दक्षिण अफ्रीका की प्रो. लिस्ल ज़ुहल्के ने भी छात्रों से बातचीत का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
इस बड़ी शैक्षणिक दृष्टि को साझा करने के लिए स्कूल प्रबंधन ने दक्षिण एशिया के यूनेस्को प्रतिनिधि श्री टिम कर्टिस से भी संपर्क किया है, जिनके साथ 13 अगस्त 2026 को एक अहम बैठक निर्धारित की गई है। स्कूल का स्पष्ट मानना है कि इस पहल का असली उद्देश्य केवल दीवार पर यूनेस्को का प्रमाणपत्र लगाना नहीं, बल्कि बच्चों को उस आत्मविश्वास के साथ तैयार करना है जिससे वे दुनिया के बेहतरीन दिमागों के साथ एक मंच पर बैठ सकें।


