
जमशेदपुर।
एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले से पहले जमशेदपुर से भी विरोध की आवाज उठी है। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर ने साफ शब्दों में कहा है कि इस मैच का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। परिषद ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस मुकाबले को न देखें और टीवी तक ऑन न करें।


पूर्व सैनिकों ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद ने भारत के कई निर्दोष नागरिकों का जीवन छीन लिया है। हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किए गए दर्दनाक हमले में महिलाओं का सुहाग उजड़ गया और कई जवान शहीद हो गए। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट मैच खेलना और उसे देखना शहीदों का अपमान है।
परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि खेल भावना का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन जब सामने वाला देश आतंक फैलाने से बाज न आए तो उसके साथ खेल संबंध रखना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि “हमारा संगठन इस मैच का 101 प्रतिशत बॉयकॉट करेगा और लोगों से भी यही अपील करता है कि वे टीवी पर मैच बिल्कुल न देखें।”
परिषद ने कहा कि आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई सिर्फ हथियारों से नहीं बल्कि हर स्तर पर बहिष्कार से भी लड़ी जानी चाहिए। खेल के जरिए पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाना सही नहीं है।
इस मौके पर परिषद के अध्यक्ष विनय कुमार यादव, महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह, सदस्य सुखविंदर सिंह, अमरेंद्र शर्मा, निर्मल कुमार, सत्य प्रकाश, कृष्ण मोहन सिंह, संतोष कुमार सिंह और निरंजन शर्मा मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि भारत-पाक क्रिकेट मैच को देखना आतंक के प्रति आंख मूंदने जैसा है और देशभक्त नागरिकों को इसका विरोध करना चाहिए।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान एशिया कप के तहत यूएई में आमने-सामने होंगे। लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में मैच के विरोध की लहर देखने को मिल रही है। जमशेदपुर के पूर्व सैनिकों का यह बयान इस विरोध को और मजबूती दे रहा है।


