
जमशेदपुर.मानगो गुरुद्वारा साहिब में रविवार को गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश पर्व अत्यंत श्रद्धा, सेवा और उमंग के साथ मनाया गया. इस अवसर पर सुबह से ही गुरुद्वारा परिसर में संगत का तांता लगा रहा.“गुरबाणी इस जग महि चानणु, करमि वसै मनि आए ॥” के संदेश के साथ पूरे वातावरण में शांति, भक्ति और गुरु प्रेम का माहौल छाया रहा.
धार्मिक कार्यक्रम
प्रकाश पर्व की शुरुआत सहज पाठ से हुई इसके पश्चात विशेष कथावाचक भाई गुरविंदर सिंह (जम्मू वाले) ने मधुर कीर्तन व प्रवचन द्वारा संगत को निहाल किया. संगत ने पूरे मनोयोग से गुरबाणी का रसपान किया.
विशेष कथावाचक भाई गुरविंदर सिंह जम्मू वाले ने बताया कि गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश पर्व हमें गुरु की बाणी और उपदेशों के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा देता है.
अरदास एवं विचार गोष्ठी
इस मौके पर आयोजित अरदास एवं गुरमत विचार गोष्ठी में भाई गुरविंदर सिंह ने कहा कि आज के समय में गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धा है.
रक्तदान शिविर
प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन किया गया. यह कैंप एमजीएम अस्पताल के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें संगत ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कुल 100 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलेगा9
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पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए सहयोग
इस मौके पर सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने पंजाब में आई बाढ़ पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा –
“पंजाब के कई गांव बाढ़ के कहर से प्रभावित हैं.इस विपत्ति से पंजाब को निकालना हम सबका फर्ज़ है.”
भगवान सिंह ने बताया कि मानगो गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने तय किया है कि 51 हज़ार रुपये की मदद राशि पंजाब भेजी जाएगी. संगत से भी अलग से अपील की गई कि जो भी सहयोग राशि वो देना चाहें वो सीधे सीजीपीसी के QR कोड से या गुरुद्वारा आकर जमा कर सकते हैं. इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि राशि जमा करवाने पर रशीद जरूर लें आपका एक एक पैसा पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के काम आएगी.
सभी गुरुद्वारों से अपील
भगवान सिंह ने यह भी कहा कि –
“हमारी अपील जमशेदपुर की सभी गुरुद्वारा कमेटियों से है कि वे भी अपनी तैयारियां पूरी रखें. मानगो गुरुद्वारा के बाद सभी गुरुद्वारों के संयुक्त तत्वाधान में पंजाब सहायता राशि भेजी जाएगी.”
गुरु का लंगर
अंत में गुरु का लंगर बड़े प्रेम और सेवा भाव से वितरित किया गया. संगत ने गुरु के नाम से जुड़कर सेवा, संगति और सिमरन के महत्व को दोहराया.
इनकी रही मौजूदगी
प्रधान सरदार भगवान सिंह,चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, महासचिव गुरुचरण सिंह बिल्ला,कुलविंदर सिंह पन्नू अमरजीत सिंह,सुखविंदर सिंह राजू, चंचल सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, गुरनाम सिंह बेदी, हरविंदर सिंह मंटू, जोगिंदर सिंह जोगी, कश्मीर सिंह शीरे, एस पी सिंह काले,जसवंत सिंह, सुखवंत सिंह सुक्खू,हरजोत सिंह, कश्मीर सिंह, दीपी, अवतार सिंह



