जमशेदपुर: किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सफलता केवल उसके शिक्षकों पर नहीं, बल्कि उस संस्थान को सुचारू रूप से चलाने वाले शिक्षकेत्तर कर्मचारियों (Non-Teaching Staff) के मजबूत कंधों पर भी निर्भर करती है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए गुरुवार को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय (Jamshedpur Women’s University) परिसर में एक बेहद भावपूर्ण विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ द्वारा उन वरिष्ठ कर्मचारियों के सम्मान में रखा गया था, जो अपनी लंबी और बेदाग सेवा के बाद आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस अवसर पर पूरा विश्वविद्यालय परिवार एकजुट हुआ और अपने पुराने साथियों को नम आंखों के साथ सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
संस्थान की असली ताकत हैं हमारे कर्मचारी
विदाई समारोह में उपस्थित वक्ताओं और विश्वविद्यालय के सदस्यों ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों के दीर्घकालीन योगदान को गहराई से स्मरण किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक शक्ति और सफलता की नींव उसके कर्मचारियों की निष्ठा, अथक परिश्रम और समर्पण में निहित होती है। अपने पूरे सेवाकाल के दौरान इन कर्मचारियों ने पर्दे के पीछे रहकर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, लिपिकीय और दैनिक कार्यों को पूरी जिम्मेदारी और कुशलता के साथ संभाला है। उनके इसी साइलेंट सपोर्ट के कारण ही विश्वविद्यालय का इतना बड़ा ढांचा आज मजबूती से खड़ा है।
अंगवस्त्र और स्मृति-चिन्ह भेंट कर किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान एक विशेष सम्मान सत्र का भी आयोजन किया गया। इसमें सेवानिवृत्त हो रहे सभी कर्मचारियों को उनकी वर्षों की उत्कृष्ट सेवा और निष्ठा के लिए अंगवस्त्र और स्मृति-चिन्ह (Memento) प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी सदस्यों और सहकर्मियों ने उनके स्वस्थ, सुखद और समृद्ध भविष्य की कामना की। जूनियर कर्मचारियों ने मंच से यह साझा किया कि सेवानिवृत्त कर्मियों का लंबा अनुभव और उनके कार्य करने की अनुशासित शैली आने वाली पीढ़ियों और नए कर्मचारियों के लिए हमेशा एक बड़े प्रेरणास्रोत के रूप में काम करेगी।
मार्गदर्शन हमेशा देता रहेगा प्रेरणा: कर्मचारी संघ
शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। संघ के अध्यक्ष गंगाधर नाग, अध्यक्ष सीमा तिर्की और उपाध्यक्ष चैतन्य शिरोमणि ने अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त साथियों ने जिस ईमानदारी और मेहनत के साथ अपना जीवन विश्वविद्यालय की प्रगति को समर्पित किया है, उनका वह योगदान विश्वविद्यालय के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भले ही वे आज अपनी नियमित सेवाओं से मुक्त हो रहे हैं, लेकिन उनका अभिभावकत्व और मार्गदर्शन भविष्य में भी सभी कर्मियों को नई ऊर्जा देता रहेगा।
कार्यक्रम में इन सदस्यों की रही अहम उपस्थिति
इस गरिमामय और भावनात्मक आयोजन में कोषाध्यक्ष लक्ष्मी जाल, संयुक्त सचिव अशोक भट्टाचार्जी और शंकर दास की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके अलावा, इस अवसर पर शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अन्य सभी सदस्य, वोकेशनल नॉन-टीचिंग स्टाफ और आउटसोर्सिंग एजेंसी के नॉन-टीचिंग स्टाफ भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया और अंत में एक भावुक धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का विधिवत समापन हुआ।




