जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में वैशाख माह की अमावस्या के पावन अवसर पर आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। शहर के ईस्ट प्लांट बस्ती स्थित दक्षिणेश्वरी सार्वजनिक काली मंदिर में गुरुवार को एक विशेष पूजा का भव्य आयोजन किया गया। ‘जय मां दक्षिणेश्वरी काली’ के गगनभेदी जयघोष के साथ पूरा इलाका भक्तिमय हो उठा। इस धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और माता के दरबार में मत्था टेककर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
माता का हुआ अलौकिक श्रृंगार और महाभोग का वितरण
वैशाख अमावस्या के इस अत्यंत शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। पूजा की शुरुआत माता काली के पवित्र और वैदिक स्नान के साथ हुई। स्नान के पश्चात मां का अत्यंत भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसे देखकर उपस्थित भक्त भाव-विभोर हो गए। शाम के समय वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ मां दक्षिणेश्वरी काली की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अनुष्ठान को पुरोहित अशोक चटर्जी द्वारा पूरी निष्ठा और सनातन धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। पूजा समाप्त होने के बाद मंदिर परिसर में उपस्थित हजारों भक्तों के बीच महाभोग का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण कर श्रद्धालुओं ने खुद को धन्य महसूस किया।
हर माह अमावस्या और शनिवार को लगता है माता का विशेष दरबार
इस पावन अवसर पर मंदिर कमेटी के सदस्यों ने मंदिर की धार्मिक परंपराओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस मंदिर में प्रत्येक माह की अमावस्या तिथि को मां काली की विशेष आराधना और पूजा का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाता है। इस दिन विशेष रूप से आम जनमानस के बीच भोग और प्रसाद का वितरण होता है। इसके अलावा, सप्ताह के हर शनिवार को भी माता की नियमित रूप से विशेष पूजा की जाती है, जहां भक्त अपनी मुरादें लेकर आते हैं। कमेटी ने बस्ती और आसपास के सभी लोगों द्वारा मंदिर के कार्यों में लगातार दिए जा रहे निस्वार्थ सहयोग और सेवा भाव के लिए उनका हृदय से आभार प्रकट किया।
तेजी से फैल रही है मंदिर की ख्याति, पूरी हो रही हैं भक्तों की मुरादें
ईस्ट प्लांट बस्ती का यह मंदिर आस्था का एक बहुत बड़ा और जाग्रत केंद्र बनता जा रहा है। कमेटी के सदस्यों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि बहुत ही कम समय में माता दक्षिणेश्वरी काली की प्रसिद्धि और ख्याति जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के भक्तों के बीच भी बहुत तेजी से फैलती जा रही है। मां की महिमा और उनके चमत्कारों को सुनकर अब दूर-दूर से भक्त माता के दरबार में अपनी अर्जी लगाने और दर्शन करने खिंचे चले आ रहे हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की ऐसी गहरी मान्यता है कि माता के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। माता रानी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर उनके जीवन के सारे कष्टों को हर लेती हैं। मंदिर परिसर में गूंजते शंख और घंटों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया, जो यह बताने के लिए काफी था कि यह स्थान आने वाले समय में आध्यात्मिक शांति का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।




