
बालश्रम के खिलाफ सड़कों पर उतरी डालसा की टीम
जमशेदपुर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार जमशेदपुर में बालश्रम के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), जमशेदपुर द्वारा जिले में 90 दिवसीय सघन विधिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 12 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में मानगो चौक पर असंगठित मजदूरों के बीच एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मजदूरों को दी गई मुफ्त कानूनी सेवाओं और हेल्पलाइन की जानकारी
इस अभियान के दौरान डालसा के पैरा लीगल वॉलिंटियर्स (PLV) नागेन्द्र कुमार, दिलीप जायशवाल, संजय तिवारी, मनोज महतो एवं जोबा रानी बास्के ने उपस्थित लोगों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टीम ने डालसा द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क कानूनी सेवाओं के बारे में बताया। इसके साथ ही संकट की स्थिति में मदद के लिए नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 का प्रचार-प्रसार किया ताकि लोग किसी भी बाल मजदूर को देखकर तुरंत प्रशासन को सूचित कर सकें।
READ MORE..JAMSHEDPUR NEWS: बिष्टुपुर रीबॉक स्टोर की 10वीं वर्षगांठ, विधायक सरयू राय ने किया भव्य उद्घाटन
पोक्सो एक्ट और बालश्रम अधिनियम कानूनों पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान सिर्फ बालश्रम ही नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अन्य कड़े कानूनों पर भी चर्चा की गई। डालसा की टीम ने स्थानीय लोगों को बालश्रम अधिनियम कानून, पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और चाइल्ड प्रोटेक्शन (बाल संरक्षण) कानूनों की बारीकियों से अवगत कराया। लोगों को सचेत किया गया कि बच्चों का शोषण करना कानून की नजर में कितना बड़ा अपराध है।
“18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर श्रम में लगाना कानूनन दंडनीय है। बच्चों से मजदूरी कराना एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है।” – डालसा पीएलवी
बालश्रम मुक्त जमशेदपुर बनाने की अपील
जागरूकता कार्यक्रम के अंत में डालसा की टीम ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और मजदूरों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी कोई बच्चा बालश्रम करता हुआ दिखाई दे, तो उसे काम पर रखने या अनदेखा करने के बजाय विद्यालय भेजने में सहयोग करें। जब तक समाज का हर नागरिक जागरूक नहीं होगा, तब तक क्षेत्र को पूर्ण रूप से बाल श्रममुक्त नहीं बनाया जा सकेगा।


