
जमशेदपुर।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितता का मामला अब और तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य की सत्ताधारी हेमंत सोरेन सरकार में प्रमुख सहयोगी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद अजय कुमार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि युवाओं की मांगें पूरी तरह जायज हैं और राज्य सरकार को अविलंब इस मामले में हस्तक्षेप कर छात्रों को न्याय देना चाहिए।
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हाईकोर्ट के सिटिंग जज से हो जांच, दर्ज हो FIR
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता (AICC) अजय कुमार ने एक वीडियो संदेश जारी कर झारखंड सरकार से अपील की है कि JPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग रखी है कि इस पूरे मामले की जांच झारखंड हाईकोर्ट के वर्तमान (सिटिंग) जज की अध्यक्षता वाली एक विशेष समिति से कराई जाए। इसके साथ ही, उन्होंने इस प्रकरण में तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई शुरू करने पर भी जोर दिया है।
JPSC के सभी अधिकारी हों बर्खास्त, परीक्षा हो रद्द
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार ने सरकार से आग्रह किया कि जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए JPSC के सभी मौजूदा अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित हुई 14वीं JPSC परीक्षा के जारी परिणाम को अविलंब रद्द किया जाए और एक निश्चित समय सीमा (टाइम-बाउंड) के भीतर पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाए। उनके अनुसार, युवाओं के भविष्य और सिस्टम पर उनके भरोसे को बचाने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है।
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12वें दिन भी जारी रहा युवाओं का उग्र प्रदर्शन
गौरतलब है कि JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा पिछले 5-6 वर्षों में ली गई विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थी और युवा सड़क पर हैं। युवाओं के इस आंदोलन का आज 12वां दिन था। प्रदर्शनकारी छात्र इन दोनों भर्ती एजेंसियों में व्यापक सुधार और पूरी कार्यप्रणाली की सीबीआई (CBI) जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। अब सत्ताधारी गठबंधन के नेता का इस तरह खुलकर समर्थन मिलने से छात्रों के इस आंदोलन को और मजबूती मिली है।

