
जमशेदपुर। जमशेदपुर दुर्गा पूजा केन्द्रीय समिति के पूर्व सचिव एवं आजीवन सदस्य अरुण सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपायुक्त से मुलाकात कर केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष अचिन्त्म गुप्ता एवं उनके सहयोगियों पर समिति के लाखों रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की सक्षम अधिकारी से जांच कराने की मांग की।
अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि जमशेदपुर दुर्गा पूजा केन्द्रीय समिति का निबंधन सोसाइटी निबंधन अधिनियम, 1860 के तहत वर्ष 2017-18 में हुआ है। समिति की नियमावली की कंडिका-12 के अनुसार समिति के लेखा का नियमित रूप से संधारण और प्रत्येक वर्ष आमसभा के निर्णय के अनुसार पंजीकृत अंकेक्षण पदाधिकारी से ऑडिट कराया जाना अनिवार्य है। आरोप है कि समिति के अध्यक्ष और महासचिव द्वारा समिति के बैंक खाते का नियमानुसार संचालन नहीं किया गया और न ही पंजीकृत अंकेक्षण पदाधिकारी से लेखा का ऑडिट कराया गया।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से नयी दुर्गा पूजा समितियों से तीन हजार रुपये तथा शहर की अन्य पूजा समितियों से प्रति वर्ष 300 रुपये लिए जा रहे हैं। अरुण सिंह का आरोप है कि इस राशि का समुचित हिसाब-किताब नहीं दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026 की आमसभा में जो अंकेक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, उसका किसी पंजीकृत अंकेक्षण पदाधिकारी से निरीक्षण नहीं कराया गया। साथ ही प्रतिवेदन में बैंक खाते से संबंधित विवरण भी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया है।
अरुण सिंह ने उपायुक्त से पूरे मामले की जांच कराकर वित्तीय अनियमितता की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों पर केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष या अन्य पदाधिकारियों का पक्ष तत्काल सामने नहीं आया है।
पूजा समितियों को स्लैग उपलब्ध कराने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने दुर्गा पूजा के दौरान पूजा समितियों को स्लैग उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उपायुक्त के समक्ष उठाया। अरुण सिंह ने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक बारिश के कारण कई पूजा स्थलों और सड़कों की स्थिति खराब है। पूजा स्थल गीले और फिसलन भरे हो गए हैं। ऐसे में पूजा समितियों को समय पर पर्याप्त मात्रा में स्लैग उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष स्लैग उपलब्ध कराने को लेकर पूजा समितियों को काफी परेशानी हुई थी। इसलिए जिला प्रशासन को पहले ही स्पष्ट करना चाहिए कि किस पूजा समिति को कितनी मात्रा में स्लैग और कब तक उपलब्ध कराया जाएगा। यदि पर्याप्त स्लैग उपलब्ध नहीं हो सकेगा, तो पूजा समितियां समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर सकेंगी।
प्रतिनिधिमंडल में समिति के सलाहकार रामनाथ सिंह, दिलजय बोस, महेश नंद चौबे, रितिका श्रीवास्तव, विजय तिवारी, राजू सिंह और रणजीत सरकार समेत अन्य सदस्य शामिल थे।

