जमशेदपुर.
पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से एक बेहद राहत भरी और अहम पहल की गई है। अक्सर अपनी शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए मीलों दूर शहर का चक्कर लगाने वाली ग्रामीण जनता को अब सुलभ न्याय मिलेगा। जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कुशल मार्गदर्शन में अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ‘जनता दरबार’ (Janta Darbar) का आयोजन किया जाएगा। इस पहल के तहत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP Rural) खुद घाटशिला अनुमंडल में बैठेंगे और लोगों की समस्याएं सुनेंगे।
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शुरू हुई नई पहल
ग्रामीण स्तर पर लोगों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन और पुलिस-पब्लिक के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) द्वारा अब घाटशिला अनुमंडल कार्यालय के कैम्प ऑफिस में इस विशेष ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण जनता की आवाज सीधे उच्चाधिकारियों तक पहुंचे और उनकी शिकायतों को फाइलों में दबने के बजाय उन पर तुरंत कार्रवाई हो।
हर बुधवार सुबह 11 बजे से होगी सुलभ सुनवाई
इस नई व्यवस्था के तहत, अब प्रत्येक बुधवार को सुबह 11:00 बजे से घाटशिला अनुमंडल कार्यालय के कैम्प ऑफिस में जनता दरबार लगाया जाएगा। निर्धारित समय पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) स्वयं वहां उपस्थित रहेंगे। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपनी किसी भी प्रकार की पुलिसिया समस्या, जमीन विवाद से जुड़े मामले, पारिवारिक विवाद या सुरक्षा संबंधी अन्य शिकायतें सीधे एसपी ग्रामीण के समक्ष रख सकेंगे।
शहर तक दौड़ लगाने और परेशानी से मिलेगी मुक्ति
घाटशिला, मुसाबनी, बहरागोड़ा, धालभूमगढ़, डुमरिया और गुड़ाबांदा जैसे दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से लोगों को अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए जमशेदपुर जिला मुख्यालय (SSP ऑफिस) आना पड़ता था। इसमें उनका पूरा दिन और काफी पैसा खर्च होता था। कई बार अधिकारी के न मिलने पर उन्हें निराश लौटना पड़ता था। अब घाटशिला में ही जनता दरबार लगने से ग्रामीणों के समय और धन दोनों की बचत होगी और उन्हें मानसिक परेशानी से भी मुक्ति मिलेगी।
त्वरित निष्पादन और पुलिस-पब्लिक समन्वय पर जोर
इस जनता दरबार का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि आम जनता की सुलभ सुनवाई हो सकेगी। एसपी ग्रामीण मौके पर ही संबंधित थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निष्पादन (Quick Resolution) का निर्देश देंगे। इससे न केवल लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में कम्युनिटी पुलिसिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। इस पहल से पुलिस प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास का रिश्ता और भी मजबूत होगा।




