जमशेदपुर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), बहरागोड़ा में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डॉ. सुराई मार्डी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति सचेत करना और इसके उन्मूलन के लिए प्रेरित करना था।
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मलेरिया के लक्षण और समय पर जांच की अहमियत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सुराई मार्डी ने बताया कि मलेरिया एक संक्रामक रोग है, जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। उन्होंने बीमारी के लक्षणों को पहचानने पर जोर दिया ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।
मलेरिया के प्रमुख लक्षण:
तेज बुखार और ठंड लगना।
अत्यधिक पसीना आना।
सिरदर्द और मांसपेशियों में खिंचाव।
शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना।
डॉ. मार्डी ने चेतावनी दी कि यदि इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रक्त की जांच करानी चाहिए।
बचाव ही सबसे बड़ा इलाज: साफ-सफाई का रखें ध्यान
चिकित्सकों ने स्थानीय नागरिकों को मलेरिया से बचने के लिए दैनिक जीवन में कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी:
जलजमाव रोकें: अपने घरों और आसपास के गड्ढों, कूलरों या पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें।
मच्छरदानी का प्रयोग: सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें।
पहनावा: शाम के वक्त पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
कीटनाशक छिड़काव: समय-समय पर अपने आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव सुनिश्चित करें।
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सामूहिक प्रयास से बनेगा मलेरिया मुक्त समाज
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों के बीच जागरूकता सामग्री और पंपलेट का वितरण किया। उपस्थित ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर बहरागोड़ा को मलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे: इस अवसर पर सनत कुमार बेरा, महेश्वर मुंडा, कौशिक गिरी सहित CHC के अन्य स्वास्थ्य कर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।




