रवि कुमार झा
जमशेदपुर |
जमशेदपुर, 29 अक्टूबर 2026: प्रतिभा को पहचान और अवसर मिले तो उपलब्धियों के नए रास्ते खुल सकते हैं। इसकी प्रेरणादायक मिसाल पेश की है जमशेदपुर के सुंदरनगर निवासी 20 वर्षीय आशुतोष पाणिग्रही ने। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से प्रभावित आशुतोष ने महज 3 मिनट 47 सेकंड में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के 50 राग गाकर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है।
आशुतोष की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले वह गणित के क्षेत्र में भी इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान बना चुके हैं। संगीत और गणित के साथ खेलों में भी उनकी रुचि है।
3 मिनट 47 सेकंड में 50 राग, तीन साल की मेहनत लाई रंग
आशुतोष को संगीत की इस उपलब्धि तक पहुंचाने में उनके शिक्षक पवन कुमार चौबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त पवन कुमार चौबे पिछले तीन वर्षों से उन्हें हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
नियमित रियाज, रागों की बारीकियों को समझने और सुरों पर पकड़ मजबूत करने के लिए आशुतोष ने लगातार अभ्यास किया।
इसी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने बेहद कम समय में 50 राग प्रस्तुत कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान हासिल किया।
2023 में गणित के 208 सवालों के सही जवाब देकर बनाया था रिकॉर्ड
आशुतोष की प्रतिभा केवल संगीत तक सीमित नहीं है। वर्ष 2023 में उन्होंने गणित में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की थी।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की चुनौती में उन्होंने महज 15 मिनट के भीतर जोड़ और गुणा के कुल 208 सवालों के सही जवाब दिए थे।
इनमें जोड़ के 101 और गुणा के 107 सवाल शामिल थे।
गणित में रिकॉर्ड बनाने के बाद अब संगीत में एशियाई स्तर पर मिली पहचान ने उनकी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया है।
मां डॉ. निवेदिता ने बताया, शिक्षक और नियमित अभ्यास का बड़ा योगदान
आशुतोष की मां डॉ. निवेदिता अपने बेटे की सफलता से बेहद खुश हैं। वह इस उपलब्धि का श्रेय आशुतोष की मेहनत के साथ-साथ संगीत शिक्षक पवन कुमार चौबे के मार्गदर्शन को देती हैं।
उनके अनुसार, तीन वर्षों तक लगातार संगीत प्रशिक्षण और अभ्यास ने आशुतोष को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवार आशुतोष को उनकी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर दे रहा है। वर्तमान में वह संगीत के साथ कंप्यूटर का भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, ताकि भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
पावरलिफ्टिंग में भी जीत चुके हैं पदक
संगीत और गणित के अलावा आशुतोष की खेलों में भी रुचि है। उन्हें पावरलिफ्टिंग पसंद है और वह इस खेल में पदक भी हासिल कर चुके हैं।
उनकी उपलब्धियां बताती हैं कि उचित प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिभा विकसित की जा सकती है।
संगीत शिक्षक बनना चाहते हैं आशुतोष
आशुतोष का सपना भविष्य में संगीत शिक्षक बनने का है। वह चाहते हैं कि संगीत की जो शिक्षा उन्हें मिली है, उसे आगे दूसरे लोगों तक पहुंचाएं।
इसके साथ ही वह अबेकस के क्षेत्र में भी चैंपियन बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
संगीत शिक्षक पवन कुमार चौबे का मानना है कि व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और परिवार के सहयोग से विशेष जरूरतों वाले बच्चे भी अपनी रुचि के क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
ऑटिज्म के प्रति समाज को दिया सकारात्मक संदेश
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर एक न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति है। इससे प्रभावित व्यक्तियों के संवाद, सामाजिक संपर्क और व्यवहार के तरीके अलग हो सकते हैं। प्रत्येक ऑटिस्टिक व्यक्ति की क्षमताएं, जरूरतें और अनुभव भी अलग होते हैं।
आशुतोष की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसकी न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति से नहीं, बल्कि उसकी रुचियों, प्रयासों और उपलब्धियों से भी बनती है।
जमशेदपुर के इस युवा ने गणित और संगीत में अपनी पहचान बनाकर यह संदेश दिया है कि सही अवसर, निरंतर अभ्यास और परिवार तथा शिक्षकों का सहयोग प्रतिभा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

