जमशेदपुर.
पृथ्वी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, पर्यावरण आयाम, जिला पूर्वी सिंहभूम की ओर से साकची स्थित थीसिस कोचिंग संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाने के लिए प्रेरित करना था.
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से ग्राहक गीत और संगठन मंत्र के साथ की गई, जिससे पूरे माहौल में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ. जिला पर्यावरण आयाम सह प्रमुख वंदना कुमारी ने विषय प्रवेश करते हुए पृथ्वी दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला और उपस्थित सभी सदस्यों का परिचय करवाया.
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुरेश कुमार ने प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने “बर्थडे को अर्थडे के रूप में मनाने” की अवधारणा को साझा करते हुए बच्चों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया. साथ ही 5R—रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल, रिफ्यूज और रिपेयर—के महत्व को समझाते हुए बताया कि इन सिद्धांतों को अपनाकर हम पर्यावरण को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक जीवनशैली के कारण हम अनजाने में अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और समय रहते सचेत होना आवश्यक है.
READ MORE :CHAIBASA NEWS: कोल्हान विश्वविद्यालय में 4 साल बाद हुई सीनेट की बैठक, यूनिवर्सिटी के कायाकल्प के लिए बजट और प्रमोशन पर लगी मुहर
संस्कृति और प्रकृति के संबंध पर चर्चा
जिला पर्यावरण प्रमुख कुमार अमलेंदु ने अपने संबोधन में कहा कि मानव अपनी संस्कृति से दूर होता जा रहा है, जिसका असर पर्यावरण पर साफ दिखाई दे रहा है. उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में देवी-देवताओं की सवारी जीव-जंतु होते हैं, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति और जीवों का संरक्षण हमारी परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहा है.
कमला कुमारी ने पृथ्वी को ‘माता’ बताते हुए कहा कि जैसे हम अपनी माँ की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं, वैसे ही पृथ्वी की सुरक्षा भी हमारा कर्तव्य है. उन्होंने बच्चों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की.
छोटी आदतों से बड़े बदलाव का संदेश
—————-
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनिता शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम इन संदेशों को अपने जीवन में उतारें. उन्होंने विद्यार्थियों को छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाने और दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि एक तरफ इंसान विकास और शहरीकरण के नाम पर जंगलों की अंधाधुंध कटाई करता है और फिर सुकून के लिए जंगल खोजता है.
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित
———————
कार्यक्रम के दौरान पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया.इस अवसर पर विक्की कुमार, संतोष, माही, प्रीति सिंह सहित संस्थान के अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे.कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है.




