
सड़क हादसों में 24 मौतें: उपायुक्त ने जताई गहरी चिंता
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं यातायात प्रबंधन की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के सख्त अनुपालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अप्रैल महीने में हुई 31 सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। इन हादसों में 24 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 14 लोग घायल हुए हैं। समीक्षा में सामने आया कि लगभग 90 प्रतिशत दुर्घटनाएं हेलमेट न पहनने, सीट बेल्ट न लगाने, ओवरस्पीडिंग और ड्रिंक एंड ड्राइव के कारण हुई हैं।
ब्लैक स्पॉट और हाईवे पर सुरक्षा के कड़े निर्देश
सड़क सुरक्षा को लेकर उपायुक्त ने राष्ट्रीय (NH) और राज्य उच्च पथों (SH) पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) को चिन्हित कर सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि हाईवे पर रंबल स्ट्रिप, रेडियम संकेतक, क्रैश बैरियर और स्लाइडिंग बैरियर लगाए जाएं। इसके साथ ही बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत दुरुस्त करने और ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए नियमित जांच अभियान चलाने की बात कही।
स्कूल खुलते ही वाहनों की होगी विशेष फिटनेस जांच
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। ग्रीष्मावकाश (गर्मी की छुट्टियां) समाप्त होने के बाद स्कूल वैन और ऑटो के खिलाफ एक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बिना फिटनेस, बिना वैध परमिट, ओवरलोडिंग वाले या जर्जर वाहनों को किसी भी कीमत पर स्कूल परिवहन में उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हिट एंड रन मामलों में त्वरित मुआवजा और जागरूकता अभियान
बैठक में हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के आश्रितों को दिए जाने वाले मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया तेज की जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट और ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान चलाने को कहा गया है। स्कूल-कॉलेजों में युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में रूरल एसपी, एसडीएम धालभूम, एएसपी, डीटीओ, एसडीओ धालभूम, एसडीपीओ घाटशिला सहित ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और स्कूल वाहन संचालकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


