
जमशेदपुर: रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है, लेकिन लौहनगरी जमशेदपुर के बच्चों ने इस त्योहार को देशभक्ति और सामाजिक सरोकार के साथ जोड़कर एक नई मिसाल पेश की है। टेल्को स्थित विद्या भारती चिन्मया विद्यालय (Vidya Bharati Chinmaya Vidyalaya) में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर एक विशेष ‘राखी मेकिंग प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के 343 बच्चों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता से ऐसी खूबसूरत हस्तनिर्मित राखियां तैयार कीं, जिनमें भारतीय कला, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम की झलक साफ दिखाई दे रही थी।


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पीएम मोदी और सरहद के जवानों की कलाई पर सजेंगी ये राखियां
इस प्रतियोगिता का सबसे भावनात्मक और खास पहलू यह रहा कि बच्चों ने अपनी हाथों से बनी ये सुंदर राखियां सिर्फ अपने भाइयों के लिए नहीं, बल्कि देश के रक्षकों और कर्णधारों के लिए भी बनाईं।
बच्चों ने अपनी हस्तनिर्मित (Handmade) और विशेष रूप से तैयार ‘मंडाला (Mandala) आर्ट’ वाली राखियों को लिफाफे में पैक किया।
इसके बाद इन्हें देश की सीमा पर तैनात सेना के जांबाज सिपाहियों (Indian Army), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), झारखंड के मुख्यमंत्री, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC), एसएसपी (SSP) और चेशायर होम के बच्चों के लिए भेजा गया।
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डिजिटल युग में डाक विभाग ने सिखाई ‘चिठ्ठी-पत्री’ की अहमियत
इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों में भारतीय संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के साथ-साथ आज के डिजिटल युग में डाक विभाग (Postal Department) की महत्ता से उन्हें परिचित कराना भी था। आयोजन में विशेष रूप से डाक विभाग की टीम भी मौजूद रही। टीम ने व्हाट्सएप (WhatsApp) और ईमेल के इस आधुनिक दौर में बच्चों को बताया कि कैसे स्पीड पोस्ट और पारंपरिक डाक प्रणाली के ज़रिए उनकी भावनाएं और राखियां सुरक्षित रूप से देश के कोने-कोने तक पहुंचाई जाती हैं।
‘हमें अपनी रचनात्मकता निखारने का अद्भुत अवसर मिला’
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
कक्षा 7 की छात्रा अलेज़ा अली और साईं प्रभात नायक, कक्षा 6 की अवनी व आरव प्रसाद, तथा कक्षा 8 की निर्जरा चौधरी ने अपने अनुभव साझा किए।
बच्चों ने कहा कि इस प्रतियोगिता से उन्हें अपनी रचनात्मकता (Creativity) निखारने, कला-शिल्प सीखने और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ देश के प्रति अपने समर्पण को व्यक्त करने का एक अद्भुत अवसर प्राप्त हुआ।
शिक्षकों ने जताया आभार: विद्यालय की प्राचार्या और वरिष्ठ शिक्षिकाओं ने बच्चों की प्रतिभा को सराहा और डाक विभाग की इस अनूठी पहल के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों के अंदर देशभक्ति, सांस्कृतिक मूल्य और टीमवर्क (Teamwork) की भावना मजबूत होती है।


