
जमशेदपुर। झारखंड राज्य सहकारी बैंक द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन बैंक की प्रबंध निदेशक विभा सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने बैंक की वित्तीय स्थिति में आए बदलाव, लाभ कमाने वाली शाखाओं की बढ़ती संख्या और ग्राहकों के लिए शुरू की गई योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि बैंक ने लगभग एक अरब रुपये के संचित घाटे से उबरकर अब 35 करोड़ रुपये का संचित लाभ अर्जित किया है।कार्यक्रम में बैंक के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
एक अरब रुपये का संचित घाटा समाप्त करने का दावा
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक विभा सिंह ने कहा कि जब उन्होंने बैंक का कार्यभार संभाला था, तब इसकी वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। उस समय बैंक लगभग 100 करोड़ रुपये के संचित घाटे में था।उनके अनुसार, बैंक ने वित्तीय सुधार की दिशा में काम करते हुए संचित घाटे को समाप्त किया और अब लगभग 35 करोड़ रुपये का संचित लाभ अर्जित किया है।उन्होंने कहा कि बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से यह बदलाव संभव हुआ है।हालांकि, इन वित्तीय आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि बैंक के नवीनतम ऑडिटेड वित्तीय विवरणों से की जानी बाकी है।
105 में से 85 शाखाएं लाभ में पहुंचीं
विभा सिंह ने बताया कि झारखंड राज्य सहकारी बैंक की कुल 105 शाखाएं हैं। उनके कार्यभार संभालने के समय इनमें से केवल 22 शाखाएं लाभ में थीं।एक वर्ष के भीतर लाभ कमाने वाली शाखाओं की संख्या बढ़कर 45 हो गई, जबकि वर्तमान में 85 शाखाएं लाभ की स्थिति में पहुंच चुकी हैं।
उन्होंने बैंक की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों यानी एनपीए में भी कमी आने का दावा किया। इसके साथ ही बैंक को अनुसूचित बैंक का दर्जा दिलाने की दिशा में प्रयास जारी रहने की जानकारी दी।
10 हजार करोड़ रुपये का बैंक बनाने का लक्ष्य
प्रबंध निदेशक ने कहा कि उनका लक्ष्य झारखंड राज्य सहकारी बैंक को 10,000 करोड़ रुपये का बैंक बनाना है।उन्होंने बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने की अपील की। कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति में कर्मचारियों की मेहनत और ग्राहकों का विश्वास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।उन्होंने बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाने और अधिक से अधिक लोगों को सहकारी बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया।
मंईयां सम्मान योजना की लाभार्थी महिलाओं को 20 हजार तक ऋण देने की पहल
कार्यक्रम के दौरान विभा सिंह ने महिला सशक्तीकरण से जुड़ी बैंक की एक पहल का भी उल्लेख किया।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की लाभार्थी महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से 20 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इसके लिए संबंधित बैंक में खाता होना आवश्यक बताया गया है।उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी एक विशेष योजना का जिक्र किया।
हालांकि, ऋण योजना की ब्याज दर, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और भुगतान अवधि से संबंधित विस्तृत शर्तें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसलिए इच्छुक लाभार्थियों को आवेदन से पहले बैंक से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
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दुर्गा पूजा पंडाल के उद्घाटन में कई गणमान्य लोग शामिल
कार्यक्रम में बैंक के पूर्व एजीएम जयदेव सिंह, सीईओ राजेश कुमार बाजपेयी, मुख्य प्रबंधन अधिकारी परितोष पाठक, क्षेत्रीय प्रबंधक संजय सिंह और प्रबंधक अमित कुमार उपस्थित रहे।
इसके अलावा महिला नेत्री शारदा देवी, विश्व हिंदू परिषद के अरुण सिंह, अशोक गुप्ता, विनय कुमार नारायण, सुबोध श्रीवास्तव, नीलू महुआ और संगीता सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया।कार्यक्रम का संचालन बैंक की बहरागोड़ा शाखा के प्रबंधक संतोष साहू ने किया।दुर्गा पूजा के इस आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ बैंक की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
