
जमशेदपुर
सामाजिक संस्था युवा (यूथ यूनिटी फॉर वॉलंटरी ACTION) की ओर से होटल बुलेवार्ड, बिष्टुपुर में “बाल विवाह रोकथाम में पंचायत, समुदाय एवं जिला हितधारकों की भूमिका, समन्वय एवं जवाबदेही” विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य बाल विवाह रोकने के लिए पंचायत, प्रशासन, पुलिस, मीडिया और सामाजिक संस्थाओं के बीच साझा समन्वय मजबूत करना था.
प्रमुख हितधारकों के विचार और संदेश
बच्चों के भविष्य और अधिकारों का मुद्दा: ‘युवा’ की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती ने कहा कि बाल विवाह केवल कानूनी मामला नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य से जुड़ा विषय है. इसके लिए परिवार से लेकर मीडिया तक को जिम्मेदारी लेनी होगी.
समय पर सूचना और साइबर सुरक्षा: साइबर थाना से अमित अमितेष ने कहा कि विवाह की सूचना समय से पहले पुलिस तक पहुंचाना जरूरी है. उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए 1930 नंबर पर शिकायत करने की जानकारी दी.
जागरूकता का अभाव: वन स्टॉप सेंटर की नीतू कुमारी ने कहा कि शहरों और गांवों, दोनों जगह बाल विवाह हो रहे हैं. लोगों को राशन और स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी है, लेकिन बाल विवाह कानूनों की नहीं.
मीडिया और काउंसलिंग की भूमिका
वरिष्ठ पत्रकार अन्नी अमृता ने मीडिया और डिजिटल माध्यमों से सामाजिक सोच बदलने पर जोर दिया. वहीं, वरिष्ठ पत्रकार विकास श्रीवास्तव ने पीड़ित परिवारों की निरंतर काउंसलिंग और संस्थागत समन्वय की बात कही.
हक और शिक्षा के लिए आवाज
महिला कल्याण समिति की सचिव अंजली बोस ने कहा, “पढ़ो, अधिकारों को समझो और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाओ.” उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकार की लड़ाई कभी शिथिल नहीं पड़नी चाहिए.
‘युवा’ की अध्यक्ष ऊषा सबीना देवगम ने कहा कि बच्चों की इच्छा और सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
ग्राम सभा और समुदाय के लिए मुख्य सुझाव
–बाल विवाह रोकथाम को ग्राम सभा, बाल सभा और महिला सभा के नियमित विकास एजेंडे में शामिल किया जाए.
–आंगनबाड़ी सेविका, सहिया, शिक्षक और किशोरी समूहों को पहचान व रोकथाम के लिए सक्रिय किया जाए.
–बाल विवाह की सूचना मिलने पर गांव स्तर पर बैठक कर परिवार से संवाद और सामाजिक दबाव बनाया जाए.
कार्यशाला में डालसा से प्रीति मुर्मू, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और किशोर लीडर शामिल हुए. कार्यक्रम का संचालन अंजना देवगम ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा संस्था के कार्यकर्ताओं चन्द्रकला, रीला, आबंती, चाँदमनी, किरण, कापरा, हेमंती व सिकन्दर का योगदान रहा.


