
जमशेदपुर।
आस्था का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ शुरू हो चुका है।जमशेदपुर मे भी इस पर्व को काफी संख्या मे लोग मनाते है। वही छठ को देखते हुए जमशेदपुर के बाजार फलो और पूजन सामाग्री से सज चुके है। हालाकि फलों के दामों में आंशिक विधि जरूर हुई है लेकिन मिट्टी के सामानों के दामों में इसका इस बार कोई असर नहीं देखा जा रहा है दे
नहाय खाय के साथ चार दिन का आस्था का पर्व छठ की शुरुआत हो चुकी है। वही छठ को लेकर जमशेदपुर के बाजार फलों और पूजन सामग्री से सज चुका है। फल में सेव ,केले ,केले का कांदी ,संतरा ,नासपति के दामो में बीस से तीस प्रतिशत की वृद्धि जरूर हुई है।लेकिन नारियल के दाम मे कोई वृद्ध नही हुई है । आस्था से जुड़ा होने के कारण महगाई के होने के बाद भी लोग प्रसाद के लिए फलों को जरुर खरीद रहे है ।


मुल्य
सेव – 80 -250 रुपया प्रति किलों
नासपती-160-240 रुपया प्रति किलों
संतरा – 60 -100 रुपया प्रति किलों
केला(सिंगापूरी) -40-60 दर्जन
अंगूर -200 रुपया किलो
केला(कांदी) – 350-600 रुपया प्रतिकांदी
डाब नेबो – 40- 50 प्रति पीस
अमरुद -40 -120 रुपया प्रति किलो
नारियल – 30- 60 प्रति पीस
पूजन सामग्री (पैकेट) – 20 रुपया
छोटे छोटे फल का तैयार पैकेट – 80-120 रुपया
गन्ना – 30-60 रुपया पीस
सुप -30 से 80 रुपया प्रति पीस
डलिया -80-100 रुपया प्रति पीस
फल दुकानदारों ने बताया कि पिछले बार की तुलना में इस बार फलों के दाम में कोई खास नही वृद्धि नही हुई है। नारियल तो पिछले साल जहा 150 से 180 उपर बेचा गया था। इस बार 30 से 60 रुपया के बीच है। वही जहां केला की कांदी पिछले साल पाच सौ से नीचे नही था। तो इस बार तीन सौ से लेकर 600 रुपया तक की कांदी उपलब्ध है। वैसे सेव के दामों में दस से बीस रुपया इस बार बढोत्तरी की गई है। वही साकची के मुख्यबाजार में पूजन सामग्री बेचने वाले दुकानदार ने बताया कि पिछले बार पुजन सामग्री के पैकेट 10 रुपया था। इस बार उसे बढाकर 20 रुपया कर दिया गया है। उसने कहा कि बाजार में लोग कम आ रहे है।वही दिया के दाम 12 रुपया दर्जन बिक रहे है। हालाकि दिए लगे मिट्टी के हाथी की कीमत दो सौ से तीन सौ रुपया तक की है।

