
जमशेदपुर.

लौहनगरी में लोकपर्व छठ का उत्साह देखते ही बन रहा है.अहले सुबह से ही शाम के अर्घ्य की तैयारियां चल रही है.परंपरा के मुताबिक ठेकुआ छाना जा रहा है. छठ व्रतधारियों के साथ पास पड़ोस के लोग मिल जुलकर ठेकुआ छान रहे हैं.
ठेकुआ के बिना अधूरा माना जाता है महापर्व
वैसे तो छठ महापर्व में गन्ना, फल और ठेकुआ प्रसाद के तौर पर चढाया जाता है लेकिन सबसे प्रचलित प्रसाद ठेकुआ है.भगवान भास्कर को अर्घ्य देते समय प्रसाद के तौर पर इसका प्रयोग किया जाता है. यह गेहूं के आटे, चाशनी और शुद्ध घी की मदद से तैयार किया जाता है.
ठेकुआ से ही भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. फिर पारण के बाद आस पड़ोस और रिश्तेदारों को ठेकुआ का ही प्रसाद बांटा जाता है. लेकिन जो लोग पहली बार छठ करने जा रहे हैं उनके लिए हम ठेकुआ की बनाने की आसान सी विधि बताएंगे. इसकी मदद से आप घर में छठ का प्रसाद ठेकुआ सरलता से बना सकते हैं.
ठेकुआ बनाने के लिए सामग्री
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आटा- एक किलो, गुड़- 250 ग्राम, सौंफ- एक बड़ा चम्मच, छुहारा- 5 -6, कच्चा मूंगफली- 8-10, गुड़- 250 ग्राम, काली मिर्च- 2 से 4, लौंग- 2 या 3तलने के लिए- घी या सरसों का तेल
ठेकुआ बनाने की विधि
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सबसे पहले मूंगफली, सौंफ, छुहारा, छोटी इलायची, लौंग, काली मिर्च सबको अच्छे से कूट लें.
अब एक बर्तन में गुड़ डालकर उसमें एक मीडियम गिलास पानी डाल दें और दोनों को अच्छे से मिक्स कर लें फिर इसमें घिसा हुआ नारियल और बाकि कूटे मसाले डाले दें. सबको अच्छे से मिलाकर इसमें आटा मिला दें. आटे को अच्छे से गूंथ लें. ध्यान रहे कि आटा न ज्यादा टाइट हो और न ज्यादा नरम. अब आटे की छोटी-छोटी लोईं बना लें.इसके बाद बाद ठेकुआ बनाने वाले सांचे से आकार दे दें. वहीं अगर सांचा न हो तो थाली को उल्टा कर के उसपर हल्का तेल लगा के उसपर आटे की गोली रखकर हल्के हाथों से ठोक लें. अब एक गैस पर बड़ी सी और साफ सी कढ़ाही रखकर उसमें तेल या घी डाल दें.जब तेल गर्म हो जाएं तो आटे के बनाए गए ठेकुआ को उसमें डालें. अब आपका छठ का प्रसाद ठेकुआ तैयार है.इसे अलग रख दें और छठ पूजा के समापन के बाद ही इसे ग्रहण करें. ध्यान रहे कि छठ पूजा से पहले ठेकुआ न खाएं.



