
जमशेदपुर।
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य एवं टीनप्लेट कमेटी के महासचिव सरदा र सुरजीत सिंह खुशिपुर के अध्यक्षता में विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के पद धारियों की बैठक साकची में संपन्न हुई। इस बैठक में वक्ताओं ने सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी के पूर्व प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह पर सीधे तौर पर आरोप लगाया कि वे पंथ एवं समाज को दो फाड़ करना चाहते हैं। वे समाज एवं गुरुद्वारा सिंह सभाओं को गलत दिशा की ओर ले जा रहे हैं।शैलेंद्र सिंह अपना मतलब साधने के लिए कमेटियों को आपस में लड़ा रहे हैं।वही सेंट्रल कमेटी के प्रधान सरदार महेंद्र सिंह को कहा गया कि वह कामचलाउ प्रधान है और कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते हैं।सेंट्रल कमेटी के कार्यकारी प्रधान महेंद्र सिंह को वक्ताओं ने सुझाव दिया कि वे सेंट्रल कमेटी का संविधान तथा स्थानीय गुरुद्वारा कमेटियों का संविधान मंगवा ले पढ़ ले और अच्छी तरह समझे।सभी स्थानीय गुरुद्वारा कमेटियों के अपने-अपने संविधान हैं और वे उस संविधान के तहत चुनाव करवाती हैं। परंतु शैलेंद्र सिंह जानबूझकर कमेटियों के भीतर विवाद करना जानते हैं क्योंकि इससे वे अपना मतलब साधते रहे हैं। वही खेल वह फिर खेल रहे हैं, जो खेलते रहे हैं। उसी शख्स के कारण जमशेदपुर गुरुद्वारा कमेटियों का इतिहास खूनी रंजिश का हुआ है।
वही वक्ताओं ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि वे उन लोगों के खिलाफ लॉक डाउन उल्लंघन कानून के तहत कार्रवाई करें जहां कमेटियों के प्रधान का चुनाव हुआ है। उन चुनाव में शैलेंद्र सिंह की भूमिका रही है। जहां शैलेंद्र सिंह की नहीं चल रही है वहां वह जिला प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं।
शैलेंद्र सिंह अथवा काम चलाउ प्रधान के गलत फैसले का विरोध करने की भी सलाह सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों को दी गई।
बुधवार की इस बैठक की जानकारी लिखित रूप से तखत श्री हरिमंदिर साहब के जत्थेदार, प्रबंधन कमेटी के प्रधान, जिला प्रशासन को देने का भी फैसला लिया गया।
इस मौके पर विशेष रुप से तखत श्री हरीमंदिर साहिब प्रबंधन कमेटी के उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह एवं हरनेक सिंह उपस्थित थे
इस बैठक में सोनारी के गुरुदयाल सिंह अमरजीत सिंह बलबीर सिंह, मनीफीट के सुरजीत सिंह सनी सिंह हरपाल सिंह, आजाद बस्ती के जगजीत सिंह जग्गा, साकची के निशान सिंह सुरजीत सिंह सित्ते, सतनाम सिंह सिद्धू जयमल सिंह, त्रिलोचन सिंह, झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बिल्ला कार्यकारी अध्यक्ष शमशेर सिंह सिद्धू, महासचिव अमरजीत सिंह भामरा, कार्यालय प्रभारी त्रिलोचन सिंह. kulwinder सिंह pannu बलजीत सिंह बिष्टुपुर के अमरजीत सिंह गुरशरण सिंह इंदरजीत सिंह कपूर, टूइला डूंगरी के दीदार सिंह मोती सिंह, तार कंपनी के गुरमीत सिंह हरदीप सिंह सुखदेव सिंह, टेल्को के हरनेक सिंह दमनप्रीत सिंह, गम्हरिया के पाल सिंह, baridih के जसपाल सिंह ज्ञानी सिंह, टीनप्लेट के जागीर सिंह कुलदीप सिंह बुग्गा ज्ञानी कुलदीप सिंह सीतारामडेरा के मोहन सिंह gurdeep सिंह गुरमीत सिंह आदि ने अपने विचार रखे। सुरजीत सिंह के अनुसार इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का सरकारी नीति का पूरा पालन किया गया।


