
JAMSHEDPUR ( 29JUNE)।


आज जीवन इतना मशीनी हो गया है कि बच्चों का बचपन भी मोबाईल में गुम हो गया है।लेकिन जो मज़ा गुड्डे गुडियों के खेल में है
वह मोबाईल में कहां।खासकर गुड्डे गुडिया की शादी का खेल हो तो क्या कहने।ऐसा नज़ारा जमशेदपुर से सटे आदित्यपुर के शांतिनगर में देखने को मिला जहां बच्चों ने धूमधाम से गुड्डे गुड्डी की शादी की।घोडा न मिला तो मुहल्ले के ही एक आंटी के कुत्ते को घोडा बनाकर दूल्हे रूपी गुड्डे को उस पर चढाकर झूमते हुए बाराती पहुंचे जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ।
वरमाला की रस्म हुई।घर से लाई गई पूजन सामग्रियों से बच्चों ने मंडप सजाया।अपने अपने घरों से लाए बिस्किट और चनाचूर बरातियों को परोसे गए।डांस का धमाल भी हुआ।इन बच्चों की मांओं के ज़माने में तो पूरा मुहल्ला इसमें शामिल होता था।पर आज क्या बच्चे और क्या बडे बूढे सभी मोबाईल में लटके हुए हैं।तो जरा संभलिए और हो जाईए गुड्डे गुड्डी की शादी में शामिल और अपने बचपन को ताज़ा करने के साथ साथ नई पीढी के बचपन में भी जान फूंक दीजिए।

