
जमशेदपुर।


झारखंड सरकार के पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री तथा जमशेदपुर पूर्वी के विधायक श्री सरयू राय के निर्देश पर स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘सरयू किचन’ से जरूरतमंदों को भोजन पहुँचाने की व्यवस्था का रविवार को अंतिम दिन पूड़ी-सब्जी तथा खीर दिया गया। रविवार को 4500 लोगों तक भोजन पहुँचाया गया। लाॅकडाउन के बाद लगातार 52 दिनों तक लोगों को भोजन पैकेट पहुँचाया गया। 52 दिनों में 2 लाख 40 हजार से अधिक लोगों के लिए भोजन पैकेट तैयार किया गया। इसके अलावा 5 हजार पाँच सौ से अधिक लोगों को सूखा राशन का पैकेट जिसमें चावल, दाल, आलू, तेल आदि था भी दिया गया। ज्ञात हो कि कोरोना के मद्देनजर संपूर्ण तालाबंदी से भोजन का संकट झेल रहे दिहाड़ी मजदूरों सदृश अन्य को उनके घर तक भोजन पैकेट तथा भोजन सामग्री पहुँचाने की व्यवस्था के लिए विधायक श्री सरयू राय ने विगत 27 मार्च को इस व्यवस्था की शुरूआत करायी थी। इसके लिए उन्होंने अपने क्वा. नं. 42, जे-रोड, बिष्टुपुर स्थित आवास को किचन में तब्दील कर दिया था। शुरूआत में इसे लाॅकडाउन-1 तक की अवधि के लिए शुरू किया गया था। बाद में लाॅकडाउन-2 तथा 3 में 17 मई तक लोगों की आवश्यकता को देखते हुए इसे जारी रखने का निर्देश विधायक श्री सरयू राय ने दिया था।
भोजन एकरस न हो इसके लिए विधायक सरयू राय ने भोजन के मेनू में बदलाव करवाया। भोजन पहुँचाने की व्यवस्था सिर्फ पूर्वी विधानसभा ही नहीं बल्कि पश्चिम विधानसभा के साथ-साथ जमशेदपुर के अन्य क्षेत्रों में भी भोजन पहुँचाया गया। लोगों की रुचि के अनुसार 3 मई से रोजाना मेनू बदल-बदल कर भोजन पहुँचाया गया। इस दौरान पूड़ी-सब्जी, खिचड़ी, इडली-चटनी, उपमा-चटनी, रोटी-चावल, राजमा-चावल, घी लगी रोटी, लिट्टी-चोखा, चाउमिन, फ्राईड राईस, वेज बिरयानी, पोहा, छोले-भटूरे जैसे व्यंजनों का स्वाद भी भोजन पैकेट के जरिये लोगों को मिला। भोजन पहुँचाने के लिए भारतीय जन मोर्चा के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने निःस्वार्थ रूप अपनी सेवा दी। भोजन तैयार करने के कार्य में 30 लोगों ने अपनी भूमिका निभाई। श्री सरयू राय ने भोजन आपूर्ति के कार्य में लगे इन 100 से अधिक सहयोगी कार्यकर्ताओं को धैर्य पूर्वक कत्र्तव्य पालन करने के लिये सराहा तथा उन्हें ‘कोरोना वारियर’ की संज्ञा दी। उन्होंने भोजन व्यवस्था का प्रबंध करने वालों तथा भोजन निर्माण एवं पैकेजिंग में लगे लोगों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन सभी को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा।
किचन की देखरेख कर रहे अशोक गोयल एवं आशुतोष राय ने 52 दिनों तक किचन की सफलता पूर्वक संचालन के लिए प्रसन्नता व्यक्त की है और इसकी सफलता का श्रेय भारतीय जन मोर्चा के कार्यकताओं को दिया है। उन्होंने कहा है कि बिना किसी व्यवधान के निःस्वार्थ भाव से 52 दिनों तक भजमो के कार्यकर्ता अपनी सेवा दिये इन कार्यकताओं का योगदान सराहनीय रहा। लाॅकडाउन में 2 लाख लोगों को भोजन देने का लक्ष्य था जिसे पार कर लिया गया।
कई क्षेत्रों में भोजन पहुँचाया गया जिसमें मुख्य रूप से पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत टुईलाडुंगरी, गढ़ाबासा, केबुल बस्ती, केबुल टाउन, नामदा बस्ती, टिनप्लेट, गोलमुरी, संथाल बस्ती बारीडीह, लाल भट्टा, हो बस्ती, बिरसानगर, बागुनहातु, बागुननगर, जाहिरा टोला, मुंडारी बस्ती, फौजा बगान, बाबुडीह, सीतारामडेरा, टुईलाडुंगरी, भोजपुर काॅलोनी बारीडीह, 10 नं. बस्ती, विद्यापति लोहरा बस्ती, काशीडीह, साकची शीतला मंदिर, टेल्को छाटन बस्ती, कालू बागान, बिरसानगर, जोन नं. 3, 4, 5 तथा जोन नं. 8 के मोची बस्ती, साई मंदिर के नजदीक, जोन नं. 11, उरांव बस्ती बर्मामाइंस, मंडल बस्ती, लक्ष्मीनगर, छायानगर, किशोरी नगर, ह्यूम पाईप तथा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सोनारी के खुटाडीह, सूरज अखाड़ा के समीप, सम्बलपुरिया बस्ती, कदमा के विभिन्न क्षेत्र, दाईगुट्टू, कुंवर बस्ती, कुमरूम बस्ती, उलीडीह बस्ती, मछुआ पाड़ा, हिल व्यू काॅलोनी, दीपा साई, रिपीट काॅलोनी, समता नगर,डिमना रोड, गोकुल नगर आदि है।
भोजन वितरण व्यवस्था में अजय सिन्हा, मुकुल मिश्रा, सुधीर सिंह, अमित शर्मा, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, विकास गुप्ता, अशोक कुमार, अभय सिंह, काशी प्रधान, सुबोध श्रीवास्तव, संतोष भगत, प्रवीण सिंह, विनोद राय, राजू सिंह, धर्मेन्द्र प्रसाद, शेषनाथ पाठक, असीम पाठक,नवीन कुमार, अमरेश कुमार, अरविंद महतो, राकेश सिंह, चुन्नू भूमिज, राजु यादव, विनोद यादव, मिठू गोराई, अतुल सिंह, लालू रजक, बीरेन्द्र सिंह, संजय सिंह, धनजी पाण्डेय, राजीव चैहान, अशोक कुमार, असीतानंद जी महाराज, बल्कार सिंह, सुमित साहु, काशीनाथ प्रधान, दशरती चैधरी, सुनील कुमार, नीतेश कुमार, अमूल्यो महतो, भुपेश, मंतोष गोराई, अशोक तंतुबाई, श्याम हांसदा, आकाश गोराई, शकुंतला सिंह, सुशीला सिंह, रूपेश कुमार सिंह, धनजी जयसवाल, नंद किशोर मुंडा, मार्टिन लूथर, वंदना नामता, बिनोद यादव, संजीव कामत, खोखन गोराई, विनोद यादव, संजु कामत, अमन प्रीत सिंह, सुनीता सिंह, भारती केशरी, जीतू पांडेय, पंकज दुबे आदि अपना योगदान दे रहे हैं।

