
रामगढ़। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार की सभी पारंपरिक रस्में पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों के साथ स्थानीय रीति-रिवाजों एवं सामाजिक परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
माता के निधन से शोकाकुल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए दशकर्म की सभी रस्में पूरी कीं। इस अवसर पर नेमरा गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
नेमरा में परिवार और ग्रामीणों के साथ निभाई परंपराएं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी माता रूपी सोरेन का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए दशकर्म संस्कार से जुड़े सभी अनुष्ठान पूरे किए। इस दौरान परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने भी पारंपरिक विधि-विधान में सहभागिता निभाई।
मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और अन्य लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। आगंतुक मुख्यमंत्री और उनके परिजनों से मुलाकात कर दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
संस्कार भोज की तैयारियां अंतिम चरण में, मुख्यमंत्री खुद कर रहे निगरानी
रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में रिश्तेदारों, ग्रामीणों, शुभचिंतकों और अन्य आगंतुकों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं संस्कार भोज की तैयारियों और व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उनका विशेष ध्यान इस बात पर है कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आगंतुकों के लिए भोजन, पेयजल, पंडाल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और प्रकाश सहित अन्य जरूरी सुविधाओं का प्रबंध किया गया है।
पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
संस्कार भोज के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी तैयारियां की हैं। नेमरा और आसपास के क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात संचालन और वाहनों की पार्किंग के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
आयोजन स्थल तक आने-जाने वाले लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है, ताकि संस्कार भोज शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।


