
एक पुरानी कहावत है, ‘‘हर किसी को एक शौक की जरूरत होती है’’। इससे फर्क नहीं पड़ता कि हमारी जिंदगी कितनी व्यस्त है, हो सकता है शौक का होना उसकी जान हो। यह हमारी जिंदगी में खुशी और समृद्धि लेकर आता है और अपने खाली समय में कुछ करने का मौका देता है, साथ ही साथ हमें कुछ नया सीखने का। इस बात से कई लोग वाकिफ होंगे कि एक्टर ग्रेसी सिंह एक प्रशिक्षित भरतनाट्यम डांसर हैं। लेकिन बहुत लोगों को यह बात पता नहीं होगी कि वह डांसिंग के अपने शौक के लिये किस तरह वक्त निकालती हैं।


अभी ग्रेसी सिंह -ज्ट पर अपने शो ‘संतोषी मां सुनाये व्रत कथायें’की शूटिंग में व्यस्त हैं। लेकिन इससे ग्रेसी सिंह सेट पर भरतनाट्यम करने की अपनी दिनचर्या का अभ्यास करना नहीं छोड़तीं! वह लंच ब्रेक और लंबे टेक के बीच डांस के लिये वक्त निकालने की कोशिश करती हैं। एक्टिंग और डांसिंग के प्रति ग्रेसी सिंह का जुनून उन्हें अपने स्कूल के दिनों की याद दिलाता है। जब वह मानव स्थली स्कूल में पढ़ाई कर थीं, उस समय उन्होंने वेकेशन के दौरान भरतनाट्यम सीखना शुरू किया था। डांसिंग और परफाॅर्म करने का जुनून समय के साथ और बढ़ता गया। एक स्थापित क्लासिकल डांसर बनने के बाद ग्रेसी सिंह ने अपना एक डांस ट्रूप तैयार किया है और अब पूरी दुनिया में परफाॅर्म करती हैं, इस दौरान उन्हें ‘संतोषी मां सुनाये व्रत कथायें’ के बीच भागदौड़ करनी पड़ती है।
हाल ही में ग्रेसी ब्रेक के दौरान अपने मेकअप रूम की तरफ तेजी से भागती हुई कैमरे में कैद हो गयीं, वह भी सिर्फ अपने भरतनाट्यम के रूटीन की प्रैक्टिस करने के लिये। इस बारे में बताते हुए, ग्रेसी कहती हैं, ‘‘हमें जो चीज पसंद होती है, उसे करने के लिये हमें वक्त जरूर निकालना चाहिये और मेरे लिये वह चीज डांस रही है। मेरे लिये डांस जादू की तरह है, सचमुच। मुझे यह थैरेपी की तरह लगता है और जब मैं तनाव में होती हूं तो यह मुझे सुकून देता है। जब भी मुझे शूटिंग के बीच में थोड़ा वक्त मिलता है, मैं तुरंत ही प्रैक्टिस करने के लिये कोई कोना पकड़ लेती हूं, जो अक्सर मुझे आसानी से मिल जाता है(मुस्कुराते हुए)।’’
‘संतोषी मां सुनाये व्रत कथायें’ में देखिये, ग्रेसी सिंह को अपने देवी अवतार में,
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