गिरिडीह: जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बजटों गांव में रविवार को गोलगप्पा (गुपचुप), चाट और छोले खाने से भारी तबाही मच गई। फास्ट फूड के सेवन के बाद 20 से अधिक लोग, जिनमें अधिकांश बच्चे और महिलाएं शामिल हैं, फूड पॉयजनिंग के शिकार हो गए। इस दर्दनाक घटना में एक बच्चे के निधन की सूचना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है।
उपायुक्त ने खुद संभाली कमान, अस्पताल पहुंचकर जाना हाल
घटना की जानकारी मिलते ही उपायुक्त रामनिवास यादव पूरी तरह सक्रिय नजर आए। उन्होंने सदर अस्पताल पहुंचकर इलाजरत बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उपायुक्त ने वार्डों का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त के निर्देश के मुख्य बिंदु:
सर्वोत्तम चिकित्सा: सभी पीड़ितों को बिना किसी देरी के बेस्ट मेडिकल फैसिलिटी दी जाए।
24 घंटे निगरानी: डॉक्टरों की विशेष टीम को तैनात कर हर पल की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए।
साफ-सफाई: अस्पताल के वार्डों में विशेष स्वच्छता और दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
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घटनास्थल ‘बजटों गांव’ पहुंचे उपायुक्त, जांच के आदेश
अस्पताल में व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद उपायुक्त ने सीधे बजटों गांव का रुख किया। उन्होंने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और खाद्य सुरक्षा विभाग को संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने (Samples) तुरंत लैब भेजने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील: खुले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं
भीषण गर्मी के इस मौसम में जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क किनारे या खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि किसी भी तरह की बेचैनी या अस्वस्थता महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।




