
गम्हरिया।
“सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के सार्वभौमिक मंत्र को जीवन का आधार बनाने का संदेश देते हुए काण्ड्रा में एक कुंडीय गायत्री हवन एवं यज्ञ श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में काण्ड्रा महिला मंडली के आमंत्रण पर आयोजित इस आध्यात्मिक अनुष्ठान का संचालन गायत्री महिला मंडल, एमआईजी, आदित्यपुर की महिला साधिकाओं ने शास्त्रोक्त विधि से किया।

यज्ञ के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया गया कि सनातन संस्कृति का मूल दर्शन केवल व्यक्तिगत सुख या धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्त सृष्टि के कल्याण, मानवता के उत्थान और प्रकृति के संरक्षण का संदेश देता है। वैदिक ऋषियों द्वारा प्रदत्त यह मंगलकामना आज भी विश्व में शांति, सद्भाव और निरोग जीवन की प्रेरणा देती है। यज्ञ में दी गई प्रत्येक आहुति को लोकमंगल, पर्यावरण की शुद्धि, सकारात्मक विचारों के प्रसार तथा समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना का प्रतीक बताया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार और गायत्री महामंत्र के सामूहिक जप से वातावरण आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत हो उठा। श्रद्धालुओं ने विश्वशांति, राष्ट्र की समृद्धि, परिवारों में सुख-शांति तथा प्रत्येक प्राणी के कल्याण की कामना के साथ यज्ञ में आहुति अर्पित की। कार्यक्रम में आदित्यपुर की शीला देवी, सुधा रानी, इप्सिता एवं ईशा, गम्हरिया की सुजाता कुमारी तथा काण्ड्रा की साधना सिंह व मालती बर्मन ने प्रमुख भूमिका निभाई। अंत में सभी ने संकल्प लिया कि यज्ञ, साधना, स्वाध्याय और सेवा की परंपरा को जन-जन तक पहुंचाकर संस्कारयुक्त, समरस और आध्यात्मिक भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देंगे


