
गम्हरिया
गम्हरिया के झुरकुल्ही रेलवे क्रॉसिंग से टीएसजी गेट होते हुए शहर की ओर जाने वाली सड़क को लेकर स्थानीय लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। आज सुबह करीब छह बजे टीएसजी गेट संख्या 3 और 4 से थोड़ी दूर दो मोटरसाइकिलों की टक्कर ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया। सौभाग्य से इस बार कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इलाके के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ समय की बात है, अगली घटना कहीं जानलेवा न हो जाए।


स्थानीय निवासियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि सड़क के दोनों ओर वर्षों से चल रही अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने इस मार्ग को मौत का गलियारा बना दिया है। झुग्गी-झोपड़ियों और सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों के कारण सड़क इतनी संकरी हो चुकी है कि आमने-सामने से दो वाहन निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। सुबह के समय धुंध और तेज़ रफ्तार वाहन हालात को और भयावह बना देते हैं।
लोगों का आरोप है कि रोज़ाना छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन न तो ट्रैफिक पुलिस दिखती है और न ही अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई। “हर दिन डर के साये में इस सड़क से गुजरते हैं, लेकिन प्रशासन को हमारी जान की कोई कीमत नहीं,” एक स्थानीय निवासी ने नाराज़गी जताई।
सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों को लेकर भी लोगों में रोष है। हालांकि कंपनी प्रबंधन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि टीएसजी एवं एसोसिएट कर्मचारियों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था है और अवैध पार्किंग तथा अतिक्रमण की सूचना जीयाडा सहित संबंधित विभागों को पहले ही दी जा चुकी है। इसके बावजूद ज़मीनी हालात जस के तस बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने एक और बड़े खतरे की ओर ध्यान दिलाया है। अतिक्रमित झुग्गी-झोपड़ियों में चल रहे ढाबों को लेकर लोगों का कहना है कि यदि आग की एक चिंगारी भी भड़क गई तो सड़क किनारे खड़ी करीब सौ से डेढ़ सौ मोटरसाइकिलें और दर्जनों ढाबे चपेट में आ सकते हैं। ऐसी स्थिति में भारी जान-माल का नुकसान तय माना जा रहा है।
इलाके में अब खुलकर प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी देखने को मिल रही है। लोगों का सवाल है कि क्या जिला प्रशासन किसी बड़े हादसे और निर्दोषों की जान जाने का इंतजार कर रहा है? स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क को अतिक्रमण मुक्त कर अवैध पार्किंग पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।



