
चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय (Kolhan University) चाईबासा के भूगोल विभाग के पी.जी. सेमेस्टर-III (सत्र 2024-2026) के छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण दल रविवार को गंगटोक (सिक्किम) के लिए रवाना हो गया है। यह टूर छात्रों के शैक्षणिक और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। विश्वविद्यालय परिसर से इस दल को पूरे उत्साह के साथ रवाना किया गया।
READ MORE :Deoghar News: श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज, उपायुक्त ने जसीडीह रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण
पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा है यह शैक्षणिक भ्रमण
यह छह दिवसीय अध्ययन भ्रमण 10 मई 2026 से शुरू होकर 15 मई 2026 तक चलेगा। विभाग की ओर से बताया गया कि यह टूर कोई सामान्य यात्रा नहीं है, बल्कि यह पाठ्यक्रम के अंतर्गत अनिवार्य प्रायोगिक पत्र (DSE-P 402) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। छात्र-छात्राएं चाईबासा से बस और टैक्सी के माध्यम से यात्रा कर रहे हैं। इस दौरान वे गंगटोक तथा उसके आसपास के क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, जलवायु, धरातल और वहां के जनजीवन का गहराई से भौगोलिक अध्ययन (Geographical Study) करेंगे।
प्रो. कंचन कच्छप और हरेंद्र यादव कर रहे हैं दल का नेतृत्व
इस महत्वपूर्ण अध्ययन भ्रमण दल का नेतृत्व भूगोल विभाग की शिक्षण स्टाफ सदस्य प्रो. कंचन कच्छप और गैर-शिक्षण स्टाफ सदस्य हरेंद्र यादव कर रहे हैं। भ्रमण के दौरान सभी छात्र विभिन्न भौगोलिक पहलुओं का व्यावहारिक अध्ययन (Practical Study) करेंगे। किताबी ज्ञान से बाहर निकलकर भौगोलिक परिदृश्यों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने से उनके शैक्षणिक ज्ञान में भारी वृद्धि होगी। यह अध्ययन छात्रों को क्षेत्रीय भूगोल (Regional Geography) की स्पष्ट समझ विकसित करने और उनके पाठ्यक्रम की अनिवार्य आवश्यकताओं को पूरा करने में बेहद सहायक सिद्ध होगा।
कुलपति अंजिला गुप्ता ने दी सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं
छात्रों के इस उत्साहवर्धक शैक्षणिक टूर के अवसर पर कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों को उनके सफल और सुरक्षित यात्रा की कामना करते हुए कहा कि ऐसे भ्रमण छात्रों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। क्षेत्र भ्रमण (Field Trip) से विद्यार्थियों को वह सीखने को मिलता है जो केवल बंद कमरों और किताबों के जरिए संभव नहीं है।
।


