
चाईबासा .


संतोष वर्मा
चाईबासा स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ठेकेदारों के द्वारा प्रताड़ित करने, वेतन नहीं देने मजदूर हित में मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखने आदी मागों को लेकर चल रहें आउटर्सोसिंग कर्मचारियों की मांगों को बुलंद करने तथा न्याय दिलाने को लेकर धरना पर बैठे कर्मचारियों के बिच शामिल हुए।और अपने पुराने अंदाज में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि यह सिर्फ आश्वासन नहीं है बल्कि मजदूर हित में कार्य करने का हक दिलाने का संकल्पित हूं इसके लिए अस्पताल प्रशासन से लेकर झारखंड सरकार से भी बात की जाएगी।वहीं झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने राज्य के नौकरशाहों पर गंभीर आरोप लगाया है। पूर्व मूख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि कुछ नौकरशाह राज्य सरकार को स्थिर करने में जुटे हैं. इसलिए आएं दिन अजीबो-गरीब फैसला लेकर राज्य सरकार को कठघरे में खडा कर रहे हैं. कभी होमगार्ड को हटाने का फरमान जारी हो रहा है तो कभी शिक्षक को तो कभी स्वास्थ्य कर्मियों को हटाने के लिए राज्य के नौकरशाह फैसले ले रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि नौकरशाहों पर निशाना साधते कहा कि जब स्वास्थ्य कर्मियों की जरूरत नहीं है तो राज्य के सभी अस्पताल बंद कर दें. जिन स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना काल में भी लोगों की
सेवा किया है, उनकी छंटनी क्यों कर रहे हैं. जो काम कर रहे हैं, उन्हें महीनों से वेतन नहीं दे रहे हैं. जब ऐसे कर्मी अपना हक मांग रहे हैं, तो उन्हें टार्चर कर रहे हैं. यह सारा खेल कुछ नौकरशाह राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए कर रहे हैं, सरकार के खिलाफ षंडयंत्र कर रहे हैं. ऐसे नौकरशाहों की पहचान कर सीएम हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुपात कार्रवाई करें.पूर्व सीएम मधु कोड़ा ने कहा कि वे किसी कीमत पर स्वास्थ्य कर्मियों की छटनी नहीं होने देंगे, जरूरत पडी तो वे राज्य सरकार के खिलाफ भी मोर्चा खोलने से पीछे नहीं हटेंगे।पूर्व सीएम सोमबार को चाईबासा सदर अस्पताल में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों
से मिलने गए थे, जिसके बाद मीडिया से बात करते हुए नौकरशाहों पर निशाना साधा और राज्य सरकार को भी
चेताया.

