
जमशेदपुर। चीन की आधुनिक औद्योगिक तकनीक, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन से मिले अनुभव अब जमशेदपुर के उद्योगों के विकास में मददगार साबित हो सकते हैं। सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चीन के ग्वांगझोउ में आयोजित विश्वप्रसिद्ध कैंटन फेयर (Canton Fair China) का चार दिवसीय दौरा पूरा कर भारत लौट आया है। इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधियों ने आधुनिक मशीनरी, उन्नत उत्पादन प्रणालियों और वैश्विक व्यापार की नई संभावनाओं का अध्ययन किया।
चैम्बर अब इस औद्योगिक दौरे से प्राप्त अनुभवों और सुझावों को केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों तक पहुंचाएगा, ताकि भारतीय उद्योगों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), के तकनीकी उन्नयन की दिशा में पहल की जा सके।
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कैंटन फेयर में दिखी भविष्य के उद्योगों की झलक
चीन के ग्वांगझोउ में आयोजित कैंटन फेयर में प्रतिनिधिमंडल ने रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आधुनिक मशीनरी और उन्नत विनिर्माण तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधियों ने यह समझने का प्रयास किया कि इन तकनीकों का इस्तेमाल भारतीय उद्योगों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत घटाने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए कैसे किया जा सकता है।
जमशेदपुर के MSME उद्योगों को मिलेगा लाभ
सिंहभूम चैम्बर के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि यह दौरा सदस्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रगति को समझने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। उन्होंने बताया कि यात्रा से मिले तकनीकी अनुभवों और व्यावसायिक संभावनाओं का संकलन कर केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने दौरे को सफल बनाने में महासचिव पुनीत कौंटिया, उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल (गोल्डी), उपाध्यक्ष (उद्योग) हर्ष अग्रवाल बकरेवाल और प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों के योगदान की सराहना की।
नई मशीनरी और तकनीक से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
चैम्बर के महासचिव पुनीत कौंटिया ने कहा कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए भारतीय उद्योगों को लगातार नई तकनीक अपनानी होगी। कैंटन फेयर में मिली जानकारियों को चैम्बर के अन्य सदस्यों के साथ साझा किया जाएगा।
इससे जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों को आधुनिक उत्पादन प्रणालियों तथा नए व्यावसायिक अवसरों को समझने में मदद मिल सकेगी।
चीन की औद्योगिक तकनीक से भारत को सीखने की जरूरत
चैम्बर के उपाध्यक्ष (उद्योग) हर्ष अग्रवाल बकरेवाल ने कहा कि चीन ने ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और बड़े पैमाने पर विनिर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।उन्होंने कहा कि भारतीय MSME उद्योगों को इन तकनीकों की लागत, उपयोगिता और दीर्घकालिक लाभ का आकलन कर इन्हें अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इससे उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और कार्यकुशलता में सुधार हो सकता है।
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चीन जाने वाले भारतीय व्यापारियों के लिए डायरेक्ट वीजा की मांग
हर्ष अग्रवाल बकरेवाल ने केंद्र सरकार से चीन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भाग लेने वाले भारतीय उद्यमियों के लिए डायरेक्ट वीजा (Direct Visa) प्रक्रिया सरल और समयबद्ध बनाने की मांग की।उनके अनुसार, समूह वीजा की प्रक्रिया के कारण कई बार व्यापारियों को अपनी यात्रा और व्यावसायिक बैठकों की योजना बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वीजा प्रक्रिया आसान होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भारतीय उद्यमियों की भागीदारी बढ़ सकती है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी मजबूती
चैम्बर के उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल (गोल्डी) ने कहा कि नई तकनीकों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उद्योगपति उनकी व्यावहारिक उपयोगिता समझकर उन्हें अपने व्यवसाय में लागू करेंगे।उन्होंने उम्मीद जताई कि कैंटन फेयर का अनुभव जमशेदपुर के उद्योगों के लिए तकनीकी सहयोग और नए व्यापारिक अवसरों के रास्ते खोलेगा।
सिंहभूम चैम्बर का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक यात्राओं से प्राप्त अनुभव भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने में सहायक हो सकते हैं। चैम्बर भविष्य में भी अपने सदस्यों को वैश्विक तकनीक और औद्योगिक नवाचार से जोड़ने की पहल जारी रखेगा।


