
जमशेदपुर। ब्रह्मानन्दा नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हाॅस्पिटल में पहली बार टुटे हुए जबड़े की सफलतापूर्ण सर्जरी की गई। 16 वर्षीय निशांत होरो जमशेदपुर के मरीन ड्राइव रोड में अपने दोस्तों के साथ बाइक रेसिंग एवं बाइक स्टन्ट कर रहा था। रसिंग के दौरान वह बुरी तरह से जख्मी हो गया। दुर्घटना में उसके मुँह में गंभीर चोट के कारण उसका जबड़ा कई भागों में टुट गया। उसके हाथ की हडड्ी भी टुट गई। वह बिल्कुल भी बोल नहीं पा रहा था। वह खाने और चबाने में बिल्कुल असमर्थ हो गया। निशांत को ब्रह्मानन्दा नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हाॅस्पिटल के इमरजेन्सी में इलाज के लिए डा. राजीव महर्षि (न्यूरोसर्जन) के अन्दर दाखिल किया गया। उसकी जाँच के बाद उसे काॅस्मेटिक सर्जन डा. सि(ार्थ चक्रवर्ती के पास भेज
दिया गया। डा. सिद्धार्थ के परामर्शनुसार उसका सीटी स्कैन किया गया जिसमे उसकी नीचले जबड़े का फ्रेक्चर मिला। उसके मुख को सही करने के लिए डा. सिद्धार्थ चक्रवर्ती एवं डा. उमेश प्रसाद की टीम ने सर्जरी करने का फैसला लिया। सर्जरी के लिए डा. प्रसाद ने विशिष्ट नार्थ पाॅल एण्डोट्रेकीयल ट्यूब का इस्तेमाल किया जिसकी जरुरत मैक्सिलो फेसियल सर्जरी में पड़ती है। डा. सिद्धार्थ ने बताया कि सर्जरी में करीब 3 घंटे लगे और मुख को सही करने के लिए फेस से कहीं भी चमड़े को काटकर इस्तेमाल नहीं किया गया। जिससे किसी भी तरह की दाग एवं सिलाई मुख पर न हो। विशिष्ट सर्जनों के सहायता से सफलतापूर्ण सर्जरी की गई और मरीज के मुह को पहले के जैसा ठीक किया गया। अब मरीज बिल्कुल अच्छी तरह से है और हाॅस्पिटल से छुटटी पाकर घर जा चुका है।

