पटना।
बिहार की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। लगभग दो दशकों तक सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना।
केसरिया गमछा और खास परिधान ने खींचा सबका ध्यान
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पहनावा और उनका चिर-परिचित अंदाज पूरे कार्यक्रम में चर्चा का मुख्य विषय बना रहा। उन्होंने बेहद सादगीपूर्ण लेकिन प्रभावशाली तरीके से पारंपरिक सफेद कुर्ते और पायजामे के ऊपर गहरे नीले रंग की बंडी पहन रखी थी। इसके साथ ही, उनके कंधे पर उनका पहचान बन चुका केसरिया गमछा भी रखा हुआ था। उनका यह खास पहनावा उनकी राजनीतिक दृढ़ता और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव को दर्शा रहा था, जिसे वहां मौजूद समर्थकों और मीडिया ने खूब सराहा।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दिलाई पद की शपथ
शपथ ग्रहण का यह भव्य और गरिमापूर्ण कार्यक्रम लोकभवन में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक और संवैधानिक अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। खचाखच भरे लोकभवन सभागार में जब सम्राट चौधरी ने पद की शपथ लेनी शुरू की, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से गूंज उठा। इस महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया के संपन्न होने के साथ ही बिहार राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक बागडोर पूरी तरह से उनके हाथों में आ गई है।
वंदे मातरम से कार्यक्रम की शुरुआत और एनडीए की एकजुटता
समारोह की औपचारिक शुरुआत पूरे सम्मान के साथ भारत के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ से हुई, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों के भीतर राष्ट्रवाद और ऊर्जा का संचार कर दिया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। समारोह में बिहार एनडीए के सभी नवनिर्वाचित विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) पूरे दल-बल के साथ उपस्थित रहे। मंच पर मौजूद सभी वरिष्ठ नेताओं ने नए नेतृत्व के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।




