
Anni Amrita


राजनीति के रंग अजीब है..देश की राजधानी में जब जेन जी आंदोलन कर रहा था और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहा था, तब भाजपा मंत्री का बचाव कर रही थी और अब झारखंड में छात्र जेपीएससी मुद्दे व अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलनरत हैं तो वहां भाजपा हेमंत सोरेन की सरकार पर हमला कर रही है. संसद के बाहर भाजपा सांसद झारखंड मुक्ति मोर्चा मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं. जो राहुल गांधी काॅकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर जेन जी के आंदोलन को नैतिक समर्थन देते हुए छात्रों के लिए आवाज उठाते हुए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे, वह झारखंड में झामुमो कांग्रेस गठबंधन की सरकार के बचाव में खामोश हैं..क्या राजनीति के इस रंग को युवा पचा पाएंगे? जेन जी, जेन अल्फा और अल्फा….सब बच्चे इस रंग को समझ रहे हैं..सभी दल और प्रमुख नेता दोहरी मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं.
पूरे देश को reform की जरुरत है…सभी दलों को आत्मचिंतन करने और नई पीढ़ी को शासन सौंपने की जरुरत है. सिस्टम सड़ गया है.
लोगों को भी आत्मचिंतन की जरुरत है..पेपर लीक होने पर जनता भी तो अपने सामर्थ्य के अनुसार पेपर खरीद रही है…ईमानदार जनता ही ईमानदार समाज बना पाएगी..ईमानदार समाज ही अपने बीच से ईमानदार नेता चुन पाएगा..नेता कोई आसमान से थोड़े आता है. इसी समाज से आता है.
अन्नी अमृता


