जमशेदपुर।
उपायुक्त अमित कुमार ने समाहरणालय सभागार में प्रेस वार्ता आहूत कर यह जानकारी दी कि आगामी 24 जनवरी को अपराह्न 3:00 बजे मुख्यमंत्री द्वारा धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के लिए भूमि पूजन किया जाएगा। साथ ही साथ झारखंड सरकार एवं एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
प्रथम चरण में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 240 एकड़ जमीन चिन्हित
उपायुक्त ने कहा कि इसके लिए लगातार झारखंड सरकार की तरफ से प्रयास किए जा रहे थे। पिछली कैबिनेट बैठक में एमओयू और ज्वाइंट वेंचर के लिए कैबिनेट के माध्यम से निर्णय लिया गया है इसी के आलोक में 24 जनवरी का कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रथम चरण में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 240 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है और इसमें सबसे पहले 72 सीटर वाले विमान परिचालित किए जाएंगे।
उपायुक्त ने बताया कि 24 जनवरी के कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जयंत सिन्हा, झारखंड सरकार के परिवहन मंत्री श्री सी पी सिंह, जमशेदपुर सांसद श्री विद्युत वरण महतो, विधायक गण एवं केंद्र सरकार के सचिव श्री आर एन चौबे, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पदाधिकारी शामिल होंगे।
एएआई द्वारा निर्मित ब्लू प्रिंट को दर्शाया जाएगा
उपायुक्त अमित कुमार ने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा बनाए गए ब्लूप्रिंट को भी कार्यक्रम के अवसर पर प्रस्तुत किया जाएगा। ब्लू प्रिंट में यह दिखाया जाएगा किस रूप में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का विकास होगा और उसके परिचालन एवं अन्य सुविधाएं किस रूप में विकसित की जाएंगी।
द्वितीय चरण में एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना
उपायुक्त ने कहा कि द्वितीय चरण में इस एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की भी योजना है और इसके लिए 545 एकड़ जमीन चिन्हित करने का कार्य किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि यह जमशेदपुर के लिए एक बहुत बड़े अवसंरचनात्मक डेफिसिट को पटने का कार्य करेगा। यहां पर औद्योगिक नगरी होने के कारण एयरपोर्ट की आवश्यकता काफी महसूस की जा रही थी और उसको पूरा करने वाला यह कार्यक्रम है। उपायुक्त ने कहा कि इसके कारण आर्थिक विकास के अवसर निकटवर्ती क्षेत्रों में खुलेंगे और इसका लाभ स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। साथ ही साथ 72 किलोमीटर एनएच की सड़क महोलिया से बहरागोड़ा बनकर पूर्णता के करीब है। 2 से 3 माह की समय अवधि में यह प्रोजेक्ट पूर्ण हो जाएगा। समीपवर्ती जिले खासतौर से मयूरभंज, खड़गपुर भी सुगम्य हो जाएंगे और आवागमन के लिए एयरपोर्ट का उपयोग हो पाएगा। यह प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और झारखंड राज्यों की अभिलाषाओं को पूर्ण करने वाला साबित होगा।
जमशेदपुर, घाटशिला, धालभूमगढ़ आने वाले दिनों में एक नए आर्थिक गलियारे (इकोनामिक कॉरिडोर) के रूप में विकसित होगा
उपायुक्त ने कहा कि जमशेदपुर शहर के विस्तारीकरण के लिए एनएच 33 एक बेहतर धुरी (एक्सिस) उपलब्ध कराता है और इसमें भी यदि एयरपोर्ट की उपलब्धता को ध्यान में रखा जाए तो जमशेदपुर, घाटशिला, धालभूमगढ़ आने वाले दिनों में एक नए आर्थिक गलियारे (इकोनामिक कॉरिडोर) के रूप में विकसित होगा और इस क्षेत्र में विकास की संभावनाएं अधिक प्रबल रहेंगी। औद्योगिक विस्तार, रिहायशी एवं व्यावसायिक गतिविधियों के संदर्भ में आर्थिक गलियारा बनकर तैयार होगा। इसको और भी अधिक गति मिलेगी जब बड़ाबांकी क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर बनकर तैयार होगा। सभी आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए चाहे वह एयर कनेक्टिविटी हो, रोड कनेक्टिविटी हो सारी चीजें मानक होंगी तो आवागमन में काफी सुविधा होगी।
उपायुक्त ने कहा कि 72 सीटर विमान का परिचालन जनवरी 2021 से प्रारंभ होगा। उपायुक्त ने कहा कि रनवे निर्माण कार्य, बाउंड्री एवं टर्मिनल के निर्माण कार्य में 100 करोड़ की राशि व्यय होगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्वारा राशि व्यय की जाएगी।



