आदित्यपुर। आदित्यपुर-2 क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण उस समय भक्तिमय हो जाएगा, जब मिथिला संकीर्तन मंडली की ओर से श्री श्री 108 अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मंडली के 63वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर किया जा रहा है, जिसे लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
27 दिसंबर से होगा शुभारंभ
मिथिला संकीर्तन मंडली के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि हर वर्ष की परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी दिनांक 27 दिसंबर 2025 (शनिवार) को प्रातः 10 बजे से अखंड हरिकीर्तन का शुभारंभ किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु “हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” और “हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे” महामंत्र के अखंड जाप में सहभागी बनेंगे।
महामंत्र से गुंजायमान रहेगा क्षेत्र
दो दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा आदित्यपुर-2 क्षेत्र हरि नाम संकीर्तन से गूंजता रहेगा। मिथिला संकीर्तन मंडली के अनुसार, अखंड हरिकीर्तन का उद्देश्य समाज में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है।
READ MORE :Adityapur News :राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर का 15वां दीक्षांत समारोह 29 दिसंबर को
28 दिसंबर को होगी पूर्णाहुति
अखंड हरिकीर्तन की पूर्णाहुति 28 दिसंबर 2025 (रविवार) को दोपहर 12 बजे विधि-विधान के साथ संपन्न होगी। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जाएगा। मंडली की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भक्तों से सहभागिता की अपील
मिथिला संकीर्तन मंडली ने क्षेत्र के समस्त राम नाम अनुरागी भक्तजनों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर परिवार और बंधु-बांधव के साथ उपस्थित होकर इस महायज्ञ को सफल बनाएं। मंडली का कहना है कि अखंड हरिकीर्तन में भाग लेना न केवल धार्मिक पुण्य प्रदान करता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक आनंद का भी अनुभव कराता है।
परंपरा और आस्था का संगम
63 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह अखंड हरिकीर्तन आदित्यपुर-2 क्षेत्र की धार्मिक पहचान बन चुका है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी संस्कृति, परंपरा और भक्ति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि इस वर्ष का आयोजन भी पहले की तरह भव्य और ऐतिहासिक होगा।

