जमशेदपुर । शहर के एक दंत चिकित्सक के लिए यह सफर सिर्फ दूरी तय करने का नहीं था, बल्कि सपनों और भावनाओं को जीने का अवसर था। क्लिनिक का काम खत्म करने के बाद डॉ. कुणाल अपने बेटे अक्षत के साथ रांची रवाना हुए। मकसद था उस शख्स से मिलना, जिसे वे वर्षों से मैदान और टीवी स्क्रीन पर देखकर प्रेरित होते आए हैं — MS Dhoni।



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बचपन का सपना, हकीकत में बदला
अक्षत के लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं था। जिस खिलाड़ी को वह अब तक टीवी के सामने बैठकर चीयर करता था, आज वही उसके सामने खड़ा था। धोनी से मुलाकात के दौरान अक्षत की आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। जब धोनी ने उसके शर्ट, कार मॉडल और बैट मॉडल पर ऑटोग्राफ दिया, तो वह खुशी शब्दों में बयान नहीं की जा सकती थी।
पिता के लिए अनमोल पल
डॉ. कुणाल बताते हैं कि एक पिता के रूप में अपने बेटे की खुशी देखना उनके लिए सबसे बड़ा इनाम था। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ऑटोग्राफ नहीं, बल्कि एक ऐसी याद है जो जिंदगी भर अक्षत के साथ रहेगी। पिता और पुत्र दोनों के लिए यह पल बेहद भावुक और गर्व से भरा रहा।
धोनी: प्रेरणा का दूसरा नाम
महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ एक सफल क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। सादगी, अनुशासन और शांत नेतृत्व उनकी पहचान है। रांची जैसे शहर से निकलकर विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाना आज भी युवाओं को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की ताकत देता है।
टीवी से सामने तक का सफर
डॉ. कुणाल ने बताया कि वर्षों तक टीवी पर धोनी को खेलते देखना और अब आमने-सामने मिलना, यह अनुभव अविश्वसनीय था। यह मुलाकात उनके परिवार के लिए हमेशा यादगार रहेगी। उन्होंने कहा कि यह पल उन्हें और उनके बेटे को जीवन में मेहनत, धैर्य और विनम्रता का महत्व सिखाता है।
एक याद, जो हमेशा साथ रहेगी
यह रांची यात्रा केवल एक मुलाकात नहीं थी, बल्कि पिता-पुत्र के रिश्ते को और मजबूत करने वाला अनुभव भी थी। डॉ. कुणाल के शब्दों में, “मैं पेशे से दंत चिकित्सक हूं, लेकिन दिल से एक गर्वित पिता और आज भी धोनी का उतना ही बड़ा प्रशंसक हूं।”








