
आदित्यपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र के माझीटोला, एकता कॉलोनी (अंबेडकर नगर) में करीब साढ़े पांच कट्ठा जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब 30 वर्षों से उनके कब्जे में रही जमीन की बाउंड्री वॉल को ढहाकर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार ने मामले में प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।
30 वर्षों से जमीन पर कब्जे का दावा
पीड़ित दिलीप कुमार और उनके भांजे अभिमन्यु कुमार उर्फ भोलू के अनुसार, संबंधित जमीन उनकी मां/नानी राधा देवी ने वर्ष 1995 में खरीदी थी। उनके अनुसार, खरीद के बाद से परिवार जमीन पर शांतिपूर्वक काबिज है। जमीन के एक हिस्से पर परिवार की बहन का परिवार भी रहता है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जमीन के शेष खाली हिस्से पर कब्जा करने और उसे बेचने की कोशिश की जा रही है। परिवार ने इस मामले में अपने ही रिश्तेदार रंजीत मंडल समेत कुछ लोगों पर जमीन दलालों और असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर कथित तौर पर जमीन पर कब्जे की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
बाउंड्री वॉल ढहाने का आरोप
दिलीप कुमार और अभिमन्यु कुमार का आरोप है कि उनकी जमीन की बाउंड्री वॉल को जबरन ढहा दिया गया और जमीन पर निर्माण सामग्री गिराकर कब्जे की कोशिश की जा रही है। परिवार का कहना है कि उन्होंने इसका विरोध किया तो विवाद और बढ़ गया।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने के बाद उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया, जिसे उन्होंने गलत और दुर्भावनापूर्ण बताया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
SDM, SP और DSP से शिकायत
पीड़ित परिवार के अनुसार, मामले को लेकर अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM), पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) को लिखित शिकायत दी गयी है। परिवार ने विवादित जमीन पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए धारा 144 लागू करने की मांग भी की है।
दिलीप कुमार का आरोप है कि स्थानीय थाना स्तर पर कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। हालांकि, पुलिस या दूसरे पक्ष का विस्तृत पक्ष इस मामले में सामने नहीं आया है।
मुख्य बिंदु
- स्थान/क्षेत्र: माझीटोला, एकता कॉलोनी (अंबेडकर नगर), आदित्यपुर
- विवाद: करीब साढ़े पांच कट्ठा जमीन
- पीड़ित पक्ष का दावा: वर्ष 1995 से जमीन पर परिवार का कब्जा
- मुख्य आरोप: बाउंड्री वॉल ढहाकर कब्जे का प्रयास
- शिकायत: SDM, SP और DSP से लिखित शिकायत
- मांग: निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई
- प्रमुख अपील: झारखंड के मुख्यमंत्री और उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग

