जमशेदपुर |
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में सोमवार को 15वां दीक्षांत समारोह भव्य और गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महत्व के इस संस्थान में आयोजित समारोह की शोभा माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। उनके साथ झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, राज्य सरकार के मंत्रीगण, शिक्षाविद् और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति का प्रेरक दीक्षांत संबोधन
अपने दीक्षांत भाषण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्नातक हो रहे विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एनआईटी जमशेदपुर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। राष्ट्रपति ने संस्थान के टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेशन (TBI) सेंटर की विशेष सराहना करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान राष्ट्र की बौद्धिक प्रयोगशालाएं होते हैं।
2047 के विकसित भारत का लक्ष्य
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से तकनीकी प्रगति को मानव कल्याण से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व के बिना अनुसंधान अधूरा है। साथ ही साइबर अपराध और ई-कचरे जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार, संस्थानों और युवाओं के साझा प्रयास पर जोर दिया।
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राज्यपाल और अन्य अतिथियों के विचार
राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और शीघ्र ही तीसरे स्थान की ओर अग्रसर है। उन्होंने ज्ञान को समाज सेवा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए बधाई दी।
President Droupadi Murmu graced the convocation ceremony of NIT Jamshedpur in Jharkhand. The President said that educational institutions are not merely centers for providing education and degrees, but also serve as major centers of research and ‘intellectual laboratories’ of the… pic.twitter.com/xFKQlD1ghT
— President of India (@rashtrapatibhvn) December 29, 2025
संस्थान की उपलब्धियां
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक गौतम सूत्रधर ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनआईआरएफ रैंकिंग में संस्थान को 82वां स्थान मिला है। केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (CRF) को मजबूत किया गया है और टीबीआई के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पुरस्कार और उपाधियां
समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने दो स्वर्ण पदक और दो मानद उपाधियां प्रदान कीं। कुल 1,114 उपाधियां दी गईं, जिनमें 612 विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत रूप से डिग्री प्राप्त की। यह समारोह नैतिक नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक रूप से जिम्मेदार तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
सरकार के प्रयासों से परंपरागत क्षेत्रों के साथ-साथ defence, space और atomic energy जैसे गैर-पारंपरिक क्षेत्र भी युवाओं को उद्यम स्थापित करने के अवसर प्रदान कर रहे हैं। तकनीकी रूप से सक्षम आप जैसे युवा इन अवसरों का उपयोग करके न केवल अपने लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार सृजन कर… pic.twitter.com/LhZfreFFVk
— President of India (@rashtrapatibhvn) December 29, 2025
पुरस्कार एवं सम्मान
दीक्षांत समारोह के दौरान माननीय राष्ट्रपति ने चार प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए, जिनमें दो स्वर्ण पदक और दो मानद उपाधियाँ शामिल हैं।
उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन हेतु स्वर्ण पदक प्रदान किए गए:
कृष्णाशीष मंडल, एम.एससी. (भौतिकी) — सीजीपीए 9.64
प्रियांशु राज, बी.टेक. (विद्युत अभियांत्रिकी) — सीजीपीए 9.52
NIT जमशेदपुर जैसे महत्वपूर्ण हितधारकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे आधुनिक तकनीकों का सामान्य-जन और समाज पर पड़ने वाले कुप्रभावों के नियंत्रण और समाधान में भागीदारी करेंगे। वे न केवल समाधान खोजेंगे, बल्कि अन्य संस्थाओं और उद्योग जगत के साथ सहयोग करके उन समाधानों को 'सतत और… pic.twitter.com/1uOKrwYJ4E
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मानद उपाधियाँ प्रदान की गईं:
स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज — डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (मानद); समाज, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत में विशिष्ट योगदान हेतु।
रवींद्र कुमार बेहरा — डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (मानद); उद्योग, उद्यमिता और राष्ट्र-निर्माण में उल्लेखनीय योगदान हेतु।
NIT जैसे संस्थानों में शिक्षित engineers को ऐसे nation-builders की भूमिका निभानी चाहिए जो तकनीकी-विकास को मानव-कल्याण का माध्यम बनाएँ। किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की प्रतिष्ठा केवल उनकी रैंकिंग या प्लेसमेंट से नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि वह संस्थान और… pic.twitter.com/kBPQ1gLAQI
— President of India (@rashtrapatibhvn) December 29, 2025
प्रदान की गई उपाधियाँ
दीक्षांत समारोह में कुल 1,114 उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें दो मानद उपाधियाँ शामिल हैं।
इनमें से 612 विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत रूप से उपाधियाँ प्राप्त कीं:
स्नातक (यूजी): 417
स्नातकोत्तर (पीजी): 149
पीएच.डी.: 46
विकसित भारत का सपना केवल ऊँची इमारतों या शक्तिशाली अर्थव्यवस्था के निर्माण से पूरा नहीं होगा, बल्कि एक ऐसे समाज के निर्माण से होगा जिसमें अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के पास भी अवसर की समानता और गरिमापूर्ण जीवन जीने की सुविधा हो। आपकी शिक्षा और ज्ञान को तभी सफल माना जाएगा जब उसका… pic.twitter.com/CbTglnyS1s
— President of India (@rashtrapatibhvn) December 29, 2025
कार्यक्रम-वार एवं लिंग-वार वितरण
बी.टेक.: 583 पुरुष | 149 महिला
एम.टेक.: 84 पुरुष | 22 महिला
एम.एससी.: 64 पुरुष | 25 महिला
एमसीए: 98 पुरुष | 10 महिला
पीएच.डी.: 58 पुरुष | 19 महिला
