
आदित्यपुर: कुड़मी सेना (टोटेमिक) की ओर से रविवार को आदित्यपुर के फुटबॉल मैदान में विशाल करम महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। मांदर की थाप और झूमर गीतों के बीच लोगों ने पारंपरिक नृत्य कर करम पर्व की खुशियां मनाईं।
देर शाम तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन में आदित्यपुर के अलावा ओडिशा और बंगाल से भी लोग पहुंचे। ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए कलाकारों ने पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी, जिसे देखने के लिए मैदान में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान पूरा मैदान तालियों और झूमर गीतों से गूंजता रहा।
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करम पूजा की परंपरा और भाई-बहन के रिश्ते का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुड़मी सेना टोटेमिक के केंद्रीय अध्यक्ष लालटू महतो ने करम पूजा की परंपरा और इसके सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जिस तरह रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, उसी तरह करम पर्व में बहनें करम डाल की पूजा कर भाइयों के सुख और दीर्घायु की कामना करती हैं।
लालटू महतो ने कहा कि करम पूजा की परंपरा समाज के पुरखों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा को शहरों तक पहुंचाना वीर शहीद सुनील महतो का सपना था।
नई पीढ़ी से संस्कृति से जुड़े रहने की अपील
लालटू महतो ने नई पीढ़ी से अपनी जड़ों और पुरखों की संस्कृति को नहीं भूलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुड़मी समाज अपनी सामाजिक पहचान और अधिकारों से जुड़े विषयों को लेकर एकजुट रहेगा।
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ये लोग रहे मौजूद
करम महोत्सव में आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार, डिप्टी मेयर अंकुर सिंह, सुमन महतो, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के केंद्रीय सदस्य गणेश चौधरी, दुखनी सोरेन, नगर निगम की पार्षद राजरानी महतो समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महोत्सव के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, मांदर की थाप, झूमर गीत और लोक नृत्य ने पूरे आयोजन को सांस्कृतिक रंग से भर दिया। देर शाम तक चले कार्यक्रम में लोगों ने लोक संस्कृति और करम पर्व की परंपराओं का आनंद लिया।

