
रांची ।

बुधवार को झारखंड धानसभा अभूतपूर्व हंगामे व मारपीट का गवाह बनी। सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन धेयक पर बुरी तरह बिफरे धायकों ने सदन के भीतर जमकर बवाल काटा। पक्षी दलों के धायकों ने स्पीकर डा. दिनेश उरांव को लक्ष्य कर न सिर्फ जूते उछाले बल्कि रिपोर्टर डेस्क की कुर्सियों को तोड़कर आसन की ओर फेंक दिया। तत्परता दिखाते हुए मार्शलों ने कुर्सी पकड़ ली वरना स्पीकर बुरी तरह घायल हो सकते थे। इस दौरान कुछ धायक गालियां तक देते सुने गए। हंगामे के बीच सरकार ने आठ मिनट में सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन धेयक पारित कर दिया। इस दौरान सदन पूरी तरह हंगामे में डूबा रहा। नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन भी वेल में चले आए। उन्होंने टीशर्ट, पेपर आदि फाड़कर बार-बार आसन की ओर फेंका। झामो धायक दल के नेता प्रदीप यादव ने शर्ट खोल ली। रिपोर्टर टेबुल पर कांग्रेस धायक डा. इरफान अंसारी झाग वाला स्प्रे लेकर डटे थे। उन्होंने स्पीकर को लक्ष्य बनाकर स्प्रे डाला। 1झामुमो धायक शशिभूषण सामड, अमित महतो और दीपक बिरूआ कुर्सियां लेकर रिपोर्टर टेबल पर पटक रहे थे।
नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने टीशर्ट व कागज फाड़कर स्पीकर पर फेंका
6 पौलुस सुरीन ने उछाले जूते धक्कामुक्की की विधानसभा कर्मियों से
6>>स्पीकर पर कुर्सी भी फेंकी, आठ मिनट में ही पारित हो गया विधेयक
6>>सीएम की सीट के करीब चले गए थे पौलुस सुरीन और अनिल मुमरू
6>> प्रदीप यादव ने खोली शर्ट स्पीकर पर झाग वाला स्प्रे डाला इरफान ने
6>>मार्शलों संग भी की धक्कामुक्की क्रुद्ध विधायकों से खुद को बचाते रहे स्पीकर
6>> विधेयक की प्रतियां फाड़ी सत्तापक्ष से भिड़ने को भी दिखे उतावले
6>>राज्यपाल से विधानसभा की कार्यवाही रद करने की मांग
6>>हेमंत सोरेन के आवास पर जुटे सारे विपक्षी दलों के नेता
कुर्सी तोड़कर इन्होंने आसन को निशाना बनाते हुए फेंका। मार्शलों ने बीचबचाव किया तो उनके संग भी उलङो। मंगलवार को उत्कृष्ट धायक घोषित किए गए स्टीफन मरांडी अपनी सीट के टेबल पर खड़े होकर जोर-जोर से बोल रहे थे। धायक पौलुस सुरीन ने इस दौरान जूते उछाले और धानसभाकर्मियों के साथ धक्कामुक्की की। हंगामा करते हुए पौलुस और अनिल मुमरू सत्तापक्ष के काफी करीब चले गए। धायकों ने धेयक की प्रतियां फाड़ डाली और सत्तापक्ष से भिड़ने को भी उतावला दिखे। 112.48 बजे शुरू हुआ हंगामा : धानसभा में हंगामे का आगाज पहली पाली में दोपहर 12.48 बजे हुआ। उस वक्त वैट दर में संशोधन की सूचना दी जा रही थी। वेल में धमके धायकों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि इस दौरान कार्यवाही तत्काल स्थगित कर दी गई। पक्ष को जमकर हंगामा करने का ज्यादा मौका दूसरी पाली में मिला। इस दौरान आठ मिनट तक पक्ष के धायकों ने खूब हंगामा मचाया। पहली पाली में जब धायक उधम मचा रहे थे तो मुख्यमंत्री रघुवर दास सदन में नहीं थे। भोजनावकाश के दौरान वे तय समय पर आए और धेयक पारित होने तक जमे रहे।बिल पास होने के बाद धानसभा से बाहर निकलते मुख्यमंत्री रघुवर दास।सीएनटी एक्ट में संशोधन के रोध में पक्षी दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा धानसभा घेराव के दौरान उग्र होती भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने जब आंसू गैस के गोले छोड़े तो लोग वहां से भागने लगे। पक्ष पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े11पक्ष ने राज्य की सवा तीन करोड़ जनता का अपमान किया है। उनके कारनामे से झारखंड के माथे पर कलंक लगा है। राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को संकुचित चार त्याग देना चाहिए। धैर्य रखिए, झूठ का पूरा पर्दाफाश होगा और सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। 1-रघुवर दास, मुख्यमंत्रीअसमाजिक तत्वों के सहयोग से बिल को पास कराया गया है। दारू पिलाकर ऐसे लोगों को सदन के भीतर लाया गया जिन्हें अंदर जाने की अनुमति तक नहीं है। सादी वर्दी में लोगों को बुलाकर ताकत का प्रदर्शन किया गया। सरकार ने बिल पास कर आदिवासी-मूलवासियों पर कफन डाला है। इसका परिणाम भुगतना होगा। 1-हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्षराज्य ब्यूरो, रांची : हंगामे के बीच झारखंड धानसभा में सीएनटी-एसपीटी संशोधन धेयक पारित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो, कांग्रेस तथा वामदलों के नेताओं ने बुधवार को देर शाम राजभवन में राज्यपाल द्रौपदी मुमरू से मिलकर धानसभा की कार्यवाही रद करने की मांग की। कहा कि राज्य सरकार द्वारा असंसदीय व असंवैधानिक तरीके से बाहुबल का सहारा लेकर संशोधन धेयक पारित कराया गया। पक्ष के नेताओं ने राज्यपाल से धानसभा कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो फुटेज मंगाकर इसकी जांच स्वयं करने तथा धानसभा की असंवैधानिक कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की। पक्ष ने राज्यपाल को बताया कि द्तीय पाली में धानसभा की कार्यवाही शुरू होते हुए अपरिचित लोगों को सदन में प्रवेश कराया गया। उनमें से कई नशे में धुत थे। इन अपरिचित व्यक्तियों द्वारा पीठासीन पदाधिकारी के स्थान को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके बाद स्पीकर द्वारा प्रभारी मंत्री को राजकीय धेयक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। इस क्रम में बाहरी व्यक्तियों ने महिला धायकों के साथ र्दुव्यवहार भी किया। नेताओं ने कहा कि अपरिचित लोगों को सदन में प्रवेश कराकर संसदीय परंपराओं व नियमों का खुलकर उल्लंघन किया गया। शायद देश में यह पहली घटना है। राज्यपाल से मिलने वालों में सुखदेव भगत, स्टीफन मरांडी, दीपक बिरुवा, जोबा मांझी, राजकुमार यादव आदि थे।बिल पास होने के बाद पत्रकारों से बात करते हेमंत सोरेन।राज्य ब्यूरो, रांची : सीएनटी-एसपीटी संशोधन धेयक पारित होने से नाराज पक्षी दलों ने तल्ख तेवर अख्तियार कर लिया है। राजभवन से लौटने के बाद पक्षी नेताओं का जमावड़ा नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के सरकारी आवास पर हुआ। यहां सर्वसम्मति से 25 नवंबर को झारखंड बंद की घोषणा की गई। झामुमो प्रवक्ता अभिषेक प्रसाद पिंटू ने इसकी पुष्टि की। बैठक में झामो प्रमुख बाबूलाल मरांडी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो, राजद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा, बंधु तिर्की, स्टीफन मरांडी, प्रदीप यादव आदि मौजूद थे।पक्षी धायकों ने सदन की मर्यादा तार-तार करते हुए न सिर्फ स्पीकर पर जूते व कुर्सी फेंकी बल्कि फोम डालकर उन्हें पूरी तरह से ढंक दिया।

