

करनडीह के जयपाल स्टेडियम में माझी परगना, मानकी मुंडा, भुमिज सरदार समन्वय समिति कोल्हान की ओर से रविवार को आक्रोश महाजुटान सभा हुई। इसमें सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ उलगुलान का एलान किया गया।सीएनटी और एसपीटी एक्ट में संशोधन कर झारखंड सरकार आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों की हत्या कर रही है। एक्ट में संशोधन को सरकार नब्बे दिनों के भीतर वापस ले अन्यथा सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय नीति एक माह के भीतर निरस्त होनी चाहिये और जो बहाली हुई है उसे भी रद्द करना होगा। मांगें पूरी न होने पर उलगुलान किया जाएगा।स्थानीय नीति को रद्द नहीं किया जाता है तो मंत्री, नेता या किसी कार्यकर्ता को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।
#खनिज बाहर नहीं जाने देंगे#
झारखंड में सोना, कोयला, लोहा और यूरेनियम है। इसे राज्य के बाहर जाने नहीं दिया जायेगा। बलिदान के बाद अलग झारखंड राज्य मिला है। इसे व्यर्थ जाने नहीं दिया जायेगा। सरकार के खिलाफ आंदोलन के लिए हम तैयार हैं।
बिरसा मुंडा के वंशज और खूंटी के उलीहातु से आईं अश्रिता ने इस अवसर पर कहा कि सरकार से ज्यादा शक्ति ग्रामसभा के पास है। ग्रामसभाएं संविधान के अधीन नहीं हैं। इसमें संशोधन करने का अधिकार किसी को नहीं है। पंचायत चुनाव को जबरन गांवों में थोपा गया है। महिलाओं को मुखिया बनाकर योजनाओं का प्रलोभन देकर ठगने का काम किया गया है।

