
सांसद विद्युत ने 1500 करोड़ के चिटफंड घोटाला का मुद्दा संसद मे उठाया था


जमशेदपुर।
जादूगोड़ा के लोकप्रिय सांसद विद्युत वरन महतो द्वारा जादूगोड़ा मे हुए लगभग 1800 करोड़ के राजकॉम चिटफंड घोटाला मामले को विगत डीनो लोकसभा मे उठाने एवं सीबीआई जांच की मांग का असर दिखना प्रारम्भ हो गया है , मंगलवार को रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के मुख्यालय के दिशा निर्देश पर आरबीआई के डिपार्टमेन्ट ऑफ नन बेंकिंग सुपरविजन मेनेजर अनिल कुमार पटना जॉन के अधिकारी ने जमशेदपुर मे सांसद कार्यालय पहुँच कर इस 1500 करोड़ के घोटाला की जरूरी कागजात लेने एवं जानकारी लेने पहुंचे एवं सांसद ने भाजपा युवा मोर्चा के ग्रामीण जिलाअध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा को सारे कागजात अनिल कुमार को देने की ज़िम्मेदारी दी एवं अशोक विश्वकर्मा एवं राजकॉम चिटफंड निवेशक संघ के अध्यक्ष बीएम अरुण , सचिव अमित कारवा , एवं अशोक सिंह ने जमशेदपुर जाकर उन्हे घोटाला से संबन्धित कागजो को सौपा जिसमे मुख्य रूप से कमल सिंह द्वारा कौन कौन कंपनी चलाया जाता था एवं निवेशा करने वालो को क्या क्या कागजात दिया जाता था एवं ढेर सारे कागजात दस्तावेज़ उन्हे सौपा गया , कागजात एनए के बाद अनिल कुमार ने संघ के सदस्यो को बताया की जो भी कंपनी सालाना 12.5 प्रतिशत से अधिक ब्याज देती है वह गैर कानूनी है एवं अपने कारोबार के दौरान जिन जिन बैंक से लेन – देन किया है उन सबकी भी जांच किया जाएगा एवं राजकॉम कार्यालय का भी सामान गायब की जांच की जाएगी उन्हे बताया की सांसद जी ने जो मामला संसद मे उठाया था उसी चिटफंड घोटाला की जांच के लिए मुझे भेजा गया है एवं जो भी इस घोटाला मे शामिल है उन पर कारवाई की जाएगी ।
वहीं जमशेदपुर के स्दांसाद विद्युत वरन महतो ने बताया की मेरे द्वारा जो मामला संसद मे उठाया गया था उसी के पहल पर आरबीआई ने अधिकारी को जानकारी लेने भेजा था एवं हमने गरीबो को न्याय मिले उनका पैसा जो घोटालेबाजों ने डुबोया है वह वापस मिले इसके लिए मामला संसद मे उठाया था एवं जब तक गरीबो को न्याया नहीं मिल जाता है यह लड़ाई जारी रहेगी ।
वहीं राजकॉम चिटफंड निवेर्शक संघ के अध्यक्ष बीएम अरुण ने बताया की अब हमे न्याय मिलने की उम्मीद है एवं सभी घोटालेबाजों के साथ कमल के मुख्य सहयोगीयो पर भी कारवाई हो जरूरी कागजात अधिकारी को सौपे गए है ।

