
राज्य के शिक्षा सचिव, जिला उपायुक्त को लिखा जा चुका है पत्र।


जमशेदपुर।
शैक्षणिक सत्र 2018 के लिए 10 से 30 प्रतिशत की फ़ीस बढ़ोत्तरी की तैयारियों में जुटे प्राइवेट स्कूल प्रबंधनों को भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी ने इसपर रोक लगाने की माँग की है। भाजपा नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि झारखण्ड सरकार द्वारा ‘शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन विधेयक’ को प्रभाव में लाने तक एक रुपये की भी फ़ीस बढ़ोत्तरी नहीं होने दी जाएगा। कहा कि पहले से ही महँगी स्कूली शिक्षा से अभिभावकों का आर्थिक दोहन चरम पर है। सरकार द्वारा वर्ष 2015 में ही सभी स्कूलों को पिछले 3 वर्ष का आर्थिक ब्यौरा एवं ऑडिट शीट जिला शिक्षा विभाग में जमा करने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके हर साल मनमाने ढंग से फ़ीस बढ़ा दी जाती है। इस आलोक में भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी ने प्रेस में जारी अपने वक्तव्य में कहा कि शैक्षणिक सत्र 2018 से पूर्व राज्य सरकार फ़ीस नियंत्रण विधेयक पारित करने को कटिबद्ध है। ऐसे में स्कूलों को सरकार का सम्मान करते हुए इंतेज़ार करना चाहिए। कहा कि यदि ज़रूरत हुई तो आगे निर्णायक आंदोलन से भी परहेज नहीं किया जाएगा। विदित हो कि विधेयक पारित होने तक फ़ीस बढ़ोत्तरी रोकने की मांग करते हुए भाजपा मीडिया प्रभारी ने पिछले माह ही राज्य के मानव संसाधन विकास विभाग के सचिव समेत जिले के शिक्षा अधीक्षक एवं उपायुक्त को पत्र लिखते हुए आवश्यक निर्देश निर्गत करने की मांग की थी।

