
86 बस्तियो के लीज नवीकरण पर JMM ने सवाल उठाया


जमशेदपुर।
राज्य के मुख्य़मंत्री रघुवर दास 86 बस्तियो में रहने वाले लोगो को 30 साल के लिए लीज बंदोबस्ती देने के मामला राजनितिक तूल पकड़ने लगा है। इस मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा भी सरकार के खिलाफ खुलकर सामने आ गई है। जमशेदपुर के निर्मल गेस्ट हाउस में सवाददाता सम्मेलन कर JMM के जिला कमेटी ने लीज बंदोबस्ती पर सवाल उठाया है। JMM के जिला अध्यक्ष सह पूर्व विधायक रामदास सोरेन ने साफ तौर पर कहा कि ऱघुवर सरकार ने लीजदेने के नाम पर जनता को बरगला रही है। उन्होने कहा कि सरकार के द्वारा एक अध्यादेश लाकर वर्ष 2005 में 86 बस्तियो को टाटा लीज से बाहर कर दिया गया था। उसके बाद हमारे विधायक कुणाल षाडंगी और जोबा मांझी के द्वारा इस मामले को विधानसभा मे लाया गया तो जानकारी हुई कि सरकार की ओर से पुन उन 86 बस्तियो को टाटा लीज में शामील करने के लिए नगर विकास विभाग के द्वारा सात सदस्यीय समिति का 22/01/2015 को गठन किया गय़ा था।उक्त मामला अभी तक उस कमेटी मे विचारधीन है। तो फिर कैसे 86 बस्तियो को राज्य सरकार लीज दे सकती है। उन्होने कहा कि टाटा स्टील वैसे रैयतघारी जिसे जमीन के बदले कुछ नही दिया गया। उस रैयतघारी की जमीन वापस लाने के लिए झारखंड मुक्ती मोर्चा कई बार अंदोलन किया और पत्र के माध्यम से अवगत भी कराया । लेकिन झारखंड सरकार इस मामले में अभी तक कोई फैसला नही लिया। बल्कि जमीन के बंदोबस्ती के नाम नया सिगुफा छोड़ दिया। उन्होने कहा कि सरकार से मांग करते है कि वैसे रैयतघारी जिससे टाटा स्टील ने जमीन लिया और बदले में कुछ भी नही दिया।वैसे रैयतधारी को टाटा स्टील से वापस जमीन दिलवाया जाए । नही तो एक बार झारखंड मुक्ति मोर्चा इस मामले को लेकर सड़क पर उतार कर जोरदार अंदोलन करेगी।

