
जमशेदपुर।


हिंदुस्तान की सेना के पहले कमांडर इन चीफ फील्ड मार्शल के आम करियप्पा द्वारा अंग्रेजी कमांडर बूचर द्वारा सेना की कमान लेने के दिन यानी 15 जनवरी को हम भारतवासी सेना दिवस मनाते हैं। हमें उस गौरव पूर्ण दिन 15 जनवरी 1949 की याद हमेशा रखनी चाहिए,जान भारतीय सेना की वीरता और शौर्य की कहानियां दुनिया के कोने में विश्व युद्ध काल से सुनी जाती थी। आज भी इस देश की आर्मी का लोहा दुनिया मानती है।
सेना।दिवस के ओजमय अवसर के आयोजन पर पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने यह मांग किया कि हमारे पाठ्यक्रमों में परमवीर चक्र,महावीर चक्र,वीर चक्र और शौर्य चक्र प्राप्त वीरों शहीदों की जीवनियों को शामिल करने की मांग की। इस अवसर पर बोलते हुए वरुण कुमार ने कहा कि ऐसी।कहानियां हमारे युवा तरुणों के लिए प्रेरणा बनेंगी।
आर्मी डे के अवसर पर भारतमाता पूजन हुआ जिसका आरम्भ 1971 के वीर सूबेदार नील कमल महतो और हवलदार राम लखन ठाकुर ने किया और संगठन गीत राजेश कुमार ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हवलदार सत्येन्द्र सिंह,उपाध्यक्ष नायब सूबेदार कृष्ण मोहन सिंह ने सेना में।बिताए दिनों को याद किया। साथ ही कई वक्ताओं ने भारतीय सेना के प्रति सम्मान बढ़ाने के भारत सरकार की घोषणाओं का भी स्वागत किया।
इस अवसर पर सेना के वीर शहीदों को नमन कर श्रद्धांजलीं दी गयी। उपस्थित थे।।।
ज़िला।महामंत्री सिद्धनाथ सिंह! अवधेश कुमार,रूपेश कुमार राय, सत्यप्रकाश, नवीन कुमार,रविन्द्र कुमार,राजेश कुमार,रमेश सिंह,अस के सिंह, नीरज कुमार,विनय यादव,संतोष कुमार,योगेश कुमार सिंह,दीपक सरकार,किशोरी प्रसाद,के आम सिंह,अन के महतो वरुण कुमार सहित 30 पूर्व सैनिक उपस्थित थे।

