
● भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के अलावे आरटीई अधिनियम और सीबीएसई बोर्ड के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर हुआ आदेश
● नर्सरी एडमिशन में कंपनी कोटा, मैनजमेंट कोटा , समेत अन्य कोटा के तहत अलग अलग कराए गए लॉटरी पर हुई थी शिकायत
● भाजपा के जिला प्रवक्ता अंकित आनंद द्वारा दायर शिकायत पर हुआ आदेश
जमशेदपुर।
सीबीएसई बोर्ड से संबद्धता प्राप्त शहर के नामी स्कूलों में शुमार बिष्टुपर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल एवं सेंट मेरीज़ स्कूल में सरेआम हो रहे भारतीय संविधान की अवमानना, आरटीई एवं बोर्ड नियमावली के उल्लंघन कर अलग-अलग कोटा में कराए गए नर्सरी कक्षा के लिए लॉटरी मामले में कार्यवाई तेज़ हुई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बाद अब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (नई दिल्ली) ने भी मामले में संज्ञान लिया है। भाजपा जमशेदपुर महानगर के जिला प्रवक्ता अंकित आनंद द्वारा दायर शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने जाँच एवं कार्यवाई का आदेश दिया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के सदस्य प्रियांक कानोंगो ने जमशेदपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी को जांचोपरान्त कार्यवाई का आदेश दिया है। भाजपा प्रवक्ता अंकित आनंद की ओर से दायर शिकायत में उल्लेखित किया गया था कि बिष्टुपर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल एवं सेंट मेरीज़ स्कूल प्रबन्धन ने भारतीय संविधान द्वारा प्रद्दत समानता का अधिकार का उल्लंघन किया है। स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा, कंपनी कोटा , स्टॉफ कोटा के अलावे भी कई तरह के कोटा स्वयं निर्धारित कर लिए गए थे। भाजपा प्रवक्ता अंकित आनंद ने सीधे आरोप लगाया था कि फ़ॉर्म बिक्री करने वक़्त स्कूलों ने इस तरह के कोटा और सम्बंधित शर्तों को अभिभावकों से छिपाये रखा। इसके अलावे कोटा के आड़ में मोटी रकम लेकर स्कूल के सीट बेचने का भी आरोप लगाया गया था। एंट्री कक्षाओं में दाखिले को लेकर दोनों ही स्कूलों द्वारा किये गए भेदभाव और आरटीई अधिनियम की अवमानना का दोषी मानते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूलों पर कार्यवाई करने के आदेश जारी किए है। आयोग द्वारा जारी पत्र में चार बिंदुओं पर विस्तृत जाँच रिपोर्ट की भी माँग की गयी है।
● आयोग द्वारा 4 बिंदुओं पर माँगी गयी विस्तृत रिपोर्ट :
– क्या दोनों ही स्कूल अल्पसंख्यक संस्थान है या नहीं।
– क्या दोनों ही स्कूलों में अलग-अलग कोटा के तहत एडमिशन लेने और सामान्य श्रेणी के बच्चों को मात्र 15 फ़ीसदी तक वंचित रखने के आरोप सही है ।
– क्या इन कोटे में लिए गए दाखिले में पैसों की लेनदेन हुई ।
– इन मामलों में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने किया कार्यवाई किया ।
एनसीपीसीआर ने इस आदेश की कॉपी जिले के उपायुक्त अमित कुमार को भी भेजते हुए इसपर अनुपालन कराने को कहा है। ज्ञातव्य हो कि शहर के विभिन्न समाचार पत्रों में लॉटरी में सामान्य बच्चों को वंचित रखने की खबरें प्रकाशित होने के बाद भाजपा के जिला प्रवक्ता अंकित आनंद ने 17 जनवरी को ही आयोग में शिकायत दर्ज़ कराया था। पंद्रह दिनों के भीतर ही शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दोनों ही स्कूलों के मामले में जाँच और कार्यवाई का आदेश दिया है। इधर भाजपा प्रवक्ता अंकित आनंद ने आयोग के त्वरित प्रतिक्रिया पर ख़ुशी ज़ाहिर किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा माफ़ियाओं के विरुद्ध लंबे समय बाद कार्यवाई की आस जगी है। कहा कि जल्द ही इस आदेश के आलोक में जिला उपायुक्त श्री अमित कुमार से मिलकर अविलंब कार्यवाई की आग्रह की जाएगी।

