
मानगो अक्षेस अंतर्गत विद्यालयों में दिसंबर तक हर माह होगा आयोजन
जमशेदपुर। मानगो अधिसूचित क्षेत्र यद्यपि पूर्व में ही औपचारिक रूप से खुले में शौच मुक्त घोषित है, किन्तु अभी भी मानगो के कुछ क्षेत्रों से खुले में शौच की मिल रही इक्का दुक्का शिकायतों के मद्देनजर विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने कारणों को जानने के लिए विद्यालयों में स्वच्छता मतदान करवाने का निर्णय लिया है।
उद्देश्य
उक्त मतदान का उद्देश्य यह पता करना है कि जो लोग खुले में शौच जाते पकडे जा रहें हैं वे अपने शौचालय का प्रयोग नहीं कर रहे हैं या उनके पास शौचालय है ही नहीं या फिर वे मानगो क्षेत्र से बाहर के निवासी ( ट्रक ड्राइवर, राहगीर) आदि हैं। हाईस्कूल व मध्य विद्यालयों के छात्र वोट डालकर न केवल यह बताएंगे कि उनका घर कितना स्वच्छ है, बल्कि यह भी बता सकेंगे कि उनके घर में बने शौचालय का प्रयोग हो रहा है कि नहीं।
प्रक्रिया
योजना के तहत प्राइमरी से ऊपर के छात्रों के बीच मतदान कराया जाएगा जिसमे बैलेट पेपर भी होगा। मतपत्र में चार विकल्प होंगे। पहला विकल्प होगा कि घर में शौचालय है तथा परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच नहीं जाता। दूसरा विकल्प होगा घर में शौचालय है लेकिन कुछ सदस्य अब भी खुले में शौच करने जाते हैं। तीसरा विकल्प है परिवार में शौचालय है पर कोई भी सदस्य उपयोग नहीं करता और चौथा विकल्प होगा कि किसी अपरिहार्य कारण से घर में शौचालय बनना छूट गया है। इन चार विकल्पों पर छात्र अपनी राय देंगे। चार विकल्पों के अलावा लिखित सुझाव देने का विकल्प भी मतपत्र के निचले भाग में होगा।
लाभ
संजय कुमार ने कहा कि छात्र छात्राएं अपने परिवार ही नहीं बल्कि अपनी गली और मोहल्ले का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए इस नमूना सर्वेक्षण से शौचालय निर्माण के आच्छादन और उपयोगिता की जमीनी जानकारी मिल सकेगी।
बताया कि स्वच्छता मतदान मासिक अंतराल पर दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।

