
जमशेदपुर।


झारखंड विकास मोर्चा जमशेदपुर महानगर का महाधरना नेशनल हाईवे 33 की दुर्दशा एवं भ्रष्टाचार के बिरोध में डिमना चौक स्थित तिलका मांझी जी के प्रतिमा के समक्ष धरना दिया गया।
धरना को संबोधित करते हुये पार्टी के केंद्रीय महासचिव अभय सिंह ने कहा कि नेशनल हाइवे 33 के बारे में जिस प्रकार माननीय उच्च न्यायालय को दखल देना पड़ा और सी बी आई कि जांच का आदेश दिया गया। इससे यह प्रतीत हो गया झारखंड की सरकार भ्रष्टाचारी सरकार है माननीय उच्च न्यायालय ने इसके पूर्व भी झारखंड की विकास की रेखा ,विकास के मील का पत्थर ,नेशनल हाईवे 33 के बारे मेंउन्होंने बार-बार झारखंड की सरकार को दबाव बनाते रहे कि आखिर कब नेशनल हाईवे 33 बनेगा। लेकिन दुर्भाग्य है कि यह लोकतांत्रिक सरकार माननीय उच्च न्यायालय का तौहीन करता रहा और इनके अफसर माननीय उच्च न्यायालय के बातों का अवहेलना करता रहा विवश होकर माननीय उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच की मांग कर दी।
यह माननीय उच्च न्यायालय ने साबित कर दिया कि नेशनल हाईवे 33 में भ्रष्टाचार की जड़ मजबूत है सभी राजनीतिक दल के लोग हमेशा आंदोलन करते रहे तब भारतीय जनता पार्टी की नेता और राज के मुख्यमंत्री हमेशा यह करते फिरे कि यह सभी लोग विकास के बाधक हैं और यह रोधक बनकर नेशनल हाईवे 33 को बनने देना नहीं चाहती अपनी राजनीति रोटी सेकना चाहते हैं लेकिन माननीय उच्च न्यायालय का दखल ने यह साबित कर दिया लोकतांत्रिक सरकार ही स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त है अगर थोड़ी भी नैतिकता राज के मुख्यमंत्री को है तो अविलंब इस्तीफा देना चाहिए। क्योंकि जिस राज्य में जनता के द्वारा चुनी गई विश्वास पर आधारित सरकार बनी हो और वह सरकार जनता के अनुरूप उनके मौलिक अधिकार नेशनल हाईवे 33 को नहीं बना पाता है तो वह और उस सरकार को एक पल भी संवैधानिक रूप से रहने का अधिकार नहीं है ।
आज नेशनल हाईवे 33 को बनते हुए 9 वर्ष हो गए लेकिन 9 वर्ष हो जाने के बाद भी यह सड़के नहीं बनी । कई लोंग इस सड़क पर मारे गए । कई जनों की जान ले ली कई घरों को यतीम बना दिया कई बच्चों का भविष्य बर्बाद हुआ कई परिवार अनाथ हो गए लेकिन यह गूंगी सरकार बहरी सरकार निकम्मी सरकार संवेदनहीन सरकार को थोड़ा भी तरस नहीं आया। अभय सिंह ने कहा यह आंदोलन हमारा नया नहीं है बल्कि आंदोलन लगातार 2013 से झारखंड विकास मोर्चा सड़कों पर लड़ते हुए आई है।
आपको याद हो सड़क के नाम पर 48 घंटे की आर्थिक नाकेबंदी हमारे पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया मुकदमे हुए लोग जमानत पर छूटे उस समय तत्कालीन भाजपा के नेताओं ने कहा इनका का आंदोलन गलत है लेकिन आज माननीय उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए सीबीआई जांच का जो आदेश दिया उसे स्पष्ट हो गया कि 2013 का आंदोलन हमारा जनता के हित पर आंदोलन था जनता के लिए आंदोलन था जनता के विश्वास का आंदोलन था ।
धरना में बारिश होने के बावजूद भारी संख्या में हमारे पार्टी कार्यकर्ता डीमना के चौक पर पहुंचकर जनता के हित पर धरना पर बैठे ।
JVM की प्रमुख मुख्य मांगे….
1..सी बी आई जांच मात्र 2 महीने के अंदर पूर्ण हो
2… सी बी आई जांच के बाद ही NHAI के द्वारा काम प्रारम्भ हो। अन्यथा जांच प्रभावित होगी
3..झारखंड की सरकार माननीय उच्च न्यायालय को हमेशा गुमराह क्यो करती रही और झूठी हलफनामा क्यो देती रही कि कभी 2016 तक तो कभी 2017 तक तो कभी 2018 तक यह काम पूरा हो जाएगा। जबकि अभी मात्र 50% भी कम पूरा नही हुआ।
4..मुख्यमंत्री नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे।
मैं जमशेदपुर की जनता को बधाई देना चाहता हूं वर्षा में भी वे लोग सड़क के किनारे खड़े होकर के हमारी बातों को सुनें आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से पार्टी के जिलाध्यक्ष बबुआ सिंह ,जटा शंकर पांडे ,सत्येंद्र पासवान, अजित सिंह,सुबोध पाल ,बिकाश जायसवाल, घनश्याम साहू, शेखर राव, सुनील सिंह, आलोक बाजपेयी, मंच शर्मा, रघुनंदन चन्द्रबंशी रबी भोजपुरिया, रीना चौधरी, भूषण दीक्षित, बिनोद सिंह, गुड्डू सिंह, यशोदा देबी, सुमित श्रीवास्तव, सुमित शर्मा, संगीत शर्मा, मंटू शर्मा, श्री राम शर्मा,सरदार सुरजीत सिंह छितते, शोभा कुमारी, सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे ।मंच की अध्यक्षता अजित सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन घनश्याम साहू ने किया।

