
जमशेदपुर।


मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने कहा कि झारखण्ड औद्योगिक निवेश के लिए तैयार है और इसके लिए सरकार जमीन की उपलब्धता और बुनियादी सुविधा के साथ कौशल युक्त मजदूर भी निवेशकों को मुहैया करवा रही है। वे मेमोंटम ऑफ झारखंड के कार्यक्रम के बाद पत्रकारो को संबोधित कर रही थी।उन्होंने कहा कि राज्य के युवक युवतियों को पलायन से रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। किसी भी राज्य के लिए मानव संसाधन सबसे बड़ा संसाधन होता है.. झारखण्ड सरकार ने अपने राज्य के युवक युवतियों के कौशल प्रशिक्षण के लिए 700 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 12 जनवरी 2018 को विश्व युवा दिवस के अवसर पर राज्य के 25000 युवक युवतियों का कौशल प्रशिक्षण करवा कर उनको नियोजित किया जाए। उन्होंने बताया कि सभी जिले में मेगा स्किल्ड सेन्टर खोले गए है। श्रीमती वर्मा ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री बिचौलियों के सख्त खिलाफ है और उनका कहना है कि किसी भी काम में अगर कोई भी व्यक्ति बिचौलिए की भूमिका में संलिप्त पाया गया तो उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रीमती वर्मा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि झारखण्ड देश का सबसे बड़ा तसर उत्पादन करता है। तसर उत्पादन और उसके वस्त्र निर्माण के लिए राज्य सरकार ने नीति बनायी है। राज्य में करीब डेढ़ लाख किसान तसर उत्पादन से जुड़े हुए हैं। राज्य सरकार तसर नीति के माध्यम से राज्य के 50 हजार से अधिक बुनकरों को स्वरोजगार देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी बुनकरों को अब कम्बल, साड़ी, तौलिया आदि बनाने का प्रशिक्षण दे कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का काम सरकार कर रही है। इन बुनकरों का प्रशिक्षण झारक्राफ्ट के माध्यम से करवाया जायेगा और राज्य के तसर उद्योग को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि देश कि प्रसिद्ध फैशन डिज़ाइनर रीना ढाका ने झारखण्ड तसर को विश्व स्तर तक पहुचने में सहयोग के लिए अपनी सहमति दे दी है। श्रीमती वर्मा ने बताया कि सरकार निवेशकों और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य में 6 नए हवाई अड्डा का प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया है जिसमे से जमशेदपुर हवाई अड्डा का कार्य जल्द ही शुरू होगा। उन्होने कहां टाटा-रांची सड़के बनने में जरुर थोड़ी देरी हुई है लेकिन मार्च2018 तक टाटा- रांची सड़के बनकर तैयार हो जाएगी।
श्रीमती वर्मा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राज्य में किसी भी निवेशक को जमीन की कमी नहीं होगी, इसके लिए सरकार के लैंड बैंक में पर्याप्त भूमि है जिसे निवेशकों को मात्र 21 दिन में आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवम्बर माह में 50 नयी कंपनी की आधारशिला रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लगने वाले उद्योग से होने वाले प्रदूषण की जाँच भारत सरकार की एजेंसी से करवाई जा रही है।
संवाददाता सम्मलेन को संबोधित करते हुए उद्योग सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि झारखण्ड सरकार ने एक नीति और एक लक्ष्य के साथ निवेश नीति तैयार की है। उन्होंने बताया कि जल्द ही राज्य में आई टी क्षेत्र के 18 कंपनी अपने यूनिट को शुरू करेंगे। आई टी क्षेत्र के उद्योग में सबसे अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि आई टी यूनिट के लिए सरकार ने भवनों को चिह्नित कर लिया है।

