
प्रशासन भी सख्त, किसी भी कीमत पर ट्रैफिक रूल तोड़ने नहीं दिया जायेगा.


बच्चों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं
जमशेदपुरः विगत कई दिनों से स्कूली वाहन चालकों व मालिकों के बीच चल रही तनातना थमने का नाम नहीं ले रहा है. पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को स्कूली वाहन चालक व मालिक धरना के लिए उपायुक्त कार्य़ालय पर जमा हुए, लेकिन प्रशासन का रवैया सख्त देख, चालकों व मालिकों की हालत पस्त हो गयी. वे धरना का कार्यक्रम त्याग दिया. बाद में स्कूली वैन चालकों व मालिकों का एक प्रतिनिधिमंडल धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी से मिले, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि ट्रैफिक रूल के तहत ही वाहन को चलाना होगा, रूल के खिलाफ काम करने पर कार्रवाई की जायेगी. तय नियम के अनुसार वाहनों में बच्चों को बिठायें, ज्यादा बिठाने पर कार्रवाई की जायेगी. ट्रैफिक रूल किसी भी कीमत पर तोड़ने नहीं दिया जायेगा, तोड़ने पर जुर्माना लगाया जायेगा.
अनुमंडल पदाधिकारी का कहना था कि बच्चों के सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते. बच्चे कैसे सुरक्षित स्कूल जायेंगे तथा स्कूल से कैसे घर आयेंगे, यह तय करना है स्कूल प्रबंधन व अभिभावक को. एसडीओ ने यह भी बताया कि स्कूल बस के लिए स्कूल प्रबंधनों को भी लिखा जा रहा है.
उधर एसडीओ से दो टूक जबाव पा कर वाहन चालक व मालिक उग्र हो गये और जिला प्रशासन व राज्य सरकार के खिलाफ समाहरणालय के समक्ष जोरदार नारे लगाये, जिसमें डीसी के खिलाफ भी नारे लगाये. यह ड्रामा करीब आधे घंटे तक चला. इसके बाद चालकों व मालिकों ने कहा कि अब वे लोग आमरण अनशन पर बैठेंगे.
समाहरणालय परिसर में दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त
उधर जिला प्रशसन की ओर से सिटी एसपी के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय टीम बनाकर इस पूरे मामले की निगरानी की जा रही है. साथ ही किसी प्रकार के प्रदर्शन को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त कार्यालय परिसर में दण्डाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी है.

